
आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश(photo-patrika)
Tax Slab Changed Property Tax Incresed: हर्ष पचौरी. अपनी आय को बढ़ाने के लिए नगर निगम ने 14 साल बाद कॉलोनियों से वसूले जाने वाले टैक्स स्लैब में बदलाव कर दिया है। अब जिस तरह की प्रॉपर्टी होगी वैसे ही संपत्ति कर (Tax Slab Changed Property Tax Incresed) वसूला जाएगा। झुग्गी-बस्ती और अविकसित क्षेत्र में बने बड़े मकानों को स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। अशोका गार्डन, ऐशबाग, एकता नगर, ग्रीन पार्क जैसे इलाके और नर्मदापुरम रोड की जाटखेड़ी बस्ती, अर्चना नगर, नहर किनारे वाला बस्ती एरिया अब पॉश एरिया में गिना जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैक्स वृद्धि प्रस्ताव के साथ नगर निगम ने शहर की 100 से ज्यादा स्लम एरिया लोकेशन को डेवलपमेंट के आधार पर पॉश लिस्ट में शामिल कर लिया है।
यहां अब झुग्गी झोपड़ी की जगह आलीशान निर्माण हो चुके हैं और निगम यहां सीमेंटेड सड़क और सीवेज का नेटवर्क तैयार कर चुका है। पुराने टैक्स परिक्षेत्र की दरों के चलते इन एरिया में बेहद कम दरों पर टैक्स की गणना हो रही थी जिससे निगम को हर साल करोड़ों रुपए का राजस्व घाटा हो रहा था। टैक्स में 10 प्रतिशत और वॉटर, सीवेज टैक्स में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इस खामी को नए बजट में दूर किया गया है।
● 85 वार्ड को टैक्स गणना के हिसाब से 1 से 7 परिक्षेत्र में बांटा गया है। परिक्षेत्र एक के सीमेंट-लोहे की चादर वाले आवासीय भवन से अब 154 रुपए वर्गमीटर वसूली होगी। कच्चे भवन आवासीय श्रेणी को 106 रुपए वर्गमीटर की श्रेणी में रखा गया है। कमर्शियल दर 307 रुपए की गई है।
● टैक्स की गणना 1 से 7 में आने वाले वार्ड संपत्ति के वार्षिक भाड़ा मूल्य के आधार पर तय होगी।
● तीन प्रकार के टैक्स स्लैब से राशि तय होगी।
● वार्षिक भाड़ा मूल्य के बाद संपत्ति के कुल वर्गमीटर को परिक्षेत्र में दी गई आवासीय या व्यवसायिक श्रेणी की दर से गुणा कर टैक्स निकलेगा।
● एक ही वार्ड में स्लम और बंगलों के निर्माण से गड़बड़ियां
● संपत्ति का वार्षिक भाड़ा मूल्य 6000 रुपए तक निकलता है तो संपत्तिकर से मुक्त होगा।
● 6000 रुपए से 12 हजार रुपए तक वार्षिक भाड़ा मूल्य वाली संपत्ति से 6 प्रतिशत संपत्तिकर लिया जाएगा।
● 12001 रुपए से 20 हजार रुपए तक के वार्षिक भाड़ा मूल्य संपत्ति से आठ प्रतिशत टैक्स लिया जाएगा।
● 20 हजार रुपए से अधिक वार्षिक भाड़ा मूल्य होने पर दस फीसदी तक संपत्तिकर लिया जाएगा।
जिनके मकान या दुकान के प्रॉपर्टी टैक्स अकाउंट खुले हैं वे पुरानी टैक्स रसीद से अपने परिक्षेत्र का पता लगा सकते हैं।
परिक्षेत्र - आवासीय
1 - 154
2 - 195
3 - 238
4 - 294
5 - 316
6 - 336
7 - 447
(राशि रुपए प्रतिवर्ग मीटर के अनुसार)
परिक्षेत्र - दर
1 - 307
2 - 392
3 - 475
4 - 586
5 - 629
6 - 671
7 - 894
(राशि रुपए प्रति वर्गमीटर के अनुसार)
सभी टैक्स खातों से यूटिलिटी के आधार पर टैक्स कलेक्शन के लिए ये फॉर्मेट तैयार किया गया है। शहर के लगभग हर वार्ड में सभी प्रकार के क्षेत्र शामिल हैं इसलिए दरें भी इसी हिसाब से तय की गई हैं।
-हरेंद्र नारायण, निगमायुक्त
Updated on:
5 Apr 2025, 3:45 PM IST
Published on:
5 Apr 2025, 3:45 PM IST
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