
प्रतिकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
MP News: आज की युवा पीढ़ी पारंपरिक नौकरियों की सीमाओं से बाहर निकलकर नए और रोमांचक करियर की ओर रुख कर रही है। ऐसा ही एक उभरता ट्रेंड है ट्रैवलिंग जॉब कल्चर। लगातार बढ़ते टूरिज्म सेक्टर और कंपनियों की मांग को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने इस तरह के करीब आधा दर्जन कोर्स कॉलेजों में शुरू किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष पर्यटन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े कोर्सों में कुल 8,283 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, इस साल भी इस कोर्स में इसी के आसपास प्रवेश हुए हैं।
करियर की संभावनाओं को देखते हुए कॉलेजों में इवेंट मैनेजमेंट कोर्स भी शुरू किए गए हैं, जिसमें अब तक 23 विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया है। राजधानी के बाबूलाल गौर भेल पीजी कॉलेज, नूतन, नवीन, एमएलबी कॉलेज शामिल हैं। बाबूलाल गौर कॉलेज 90 छात्रों ने इस विषय को चुना है।
बाबूलाल गौर कॉलेज के प्राचार्य संजय जैन ने बताया कि ट्रैवलिंग जॉब कल्चर आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या और सरकारी योजनाओं से इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसा जरूरी नहीं है कि जो छात्र परीक्षा के बहुत अच्छा प्रजेंटेशन नहीं दे पाते है।
बीते कुछ वर्षों में टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में करियर की संभावनाएं कई गुना बढ़ी हैं। वर्क फ्रॉम एनीवेयर कल्चर और डिजिटल नोमैड्स की बढ़ती संख्या के चलते अब ट्रैवलिंग जॉब्स को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। होटल मैनेजमेंट, टूर गाइडिंग, ट्रैवल एजेंसी, एयरलाइंस सर्विस और ट्रैवल ब्लॉगिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार तेजी से बढ़ रहे हैं।
नूतन कॉलेज की छात्रा निशिका प्रजापति ने बताया कि मुझे हमेशा नई जगहें देखने का शौक रहा है। अब यह मेरा करियर बन गया है। ट्रैवलिंग के साथ सीखने और लोगों से मिलने का अनुभव अनोखा होता है। बाबूलाल गौर कॉलेज के छात्र मनोज शर्मा का कहना है, पहले हमें लगता था कि पर्यटन सिर्फ गाइड या होटल इंडस्ट्री तक सीमित है।
Published on:
14 Oct 2025 12:33 pm
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