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टि्वशा केस: सास गिरिबाला का ‘रुतबा’ फेल, हटाई गईं ‘VIP ट्रीटमेंट’ देने वाली डिप्टी जेलर

Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा केस में सीबीआई जांच लगातार जारी है। टि्वशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर नया अपडेट सामने आया है...
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Twisha Sharma Death Case

Twisha Sharma Death Case: 14 दिन की न्यायिक हिरासत आज मंगलवार को खत्म, कोर्ट में पेश कर सीबीआई फिर ले सकती है रिमांड पर (फोटो सोर्स- Patrika)

Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में रोज नए अपडेट आ रहे है। बता दें कि एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा था। बीते दिनों जब ये जानकारी सामने आई तो हड़कंप इसके बाद अचानक जेल प्रबंधन हरकत में आ गया।

समर्थ और गिरिबाला सिंह दोनों को तुरंत जेल अस्पताल वार्ड से बैरक में शिफ्ट किया गया था। वहीं अब दोनों आरोपियों को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट और अतिरिक्त सुविधाएं दिए जाने के मामले में जेल प्रबंधन ने कार्रवाई की है। गिरिबाला की बैरक की सुरक्षा प्रभारी डिप्टी जेलर जया यादव को पद से हटा दिया गया है। ये आदेश सोमवार को देर रात आया।

मां-बेटे को मिल रहा था वीआईपी ट्रीटमेंट

बीते दिन डीआईजी (जेल) संजय पांडेय ने औचक निरीक्षण के बाद महानिदेशक (जेल) को गोपनीय रिपोर्ट सौंपी। सूत्रों के मुताबिक इसमें पूर्व जज को नियमों के विपरीत अस्पताल वार्ड में शिफ्ट करने की पुष्टि हुई है।जिसके बाद गिरिबाला सिंह की बैरक की सुरक्षा प्रभारी डिप्टी जेलर जया यादव को उनके पद से हटा दिया गया है।

जेल प्रबंधन ने बढ़ाई सुरक्षा

इस फैसले के बाद से जेल में गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रबंधन भी अलर्ट मोड पर है। यहीं पर अब अतिरिक्त प्रहरी तैनात किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। दरअसल गिरिबाला सिंह ने बतौर जज जिन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी, उनमें से 29 कैदी इसी जेल में हैं।

सामने आई बड़ी लाफरवाही

सूत्रों के मुताबिक क्राइम सीन से जो लिगेचर यानी फंदा जब्त किया था, उसकी कोई करवाई ही नहीं की गई। टि्वशा की मौत के मामले में अहम सबूत तो उठा लिया गया, लेकिन किसी ने नहीं बताया कि यह वही फंदा था, इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। अब माना जा रहा है कि इस बड़ी लापरवाही का फायदा सीधे-सीधे आरोपी पक्ष को मिल सकता है। जानबूझ कर ये लापरवाही की गई।

इस पूरे मामले में टि्वशा के परिवार वाले पहले दिन से ही ट्विशा शर्मा की मौत का संदिग्ध कह रहे है। साथ ही मौत के बाद शुरु की गई जांच सवालों के घेरे में है। इस केस में सबूत जब्ती में चूक और समर्थ की फरारी ये सारे प्रश्न सवाल खड़े कर रहे है। यही कारण रहा कि केस की जांच SIT के बाद CBI को सौंपनी पड़ी। इस पूरे मामले में टि्वशा के वकील अंकुर पांडेय का कहना है कि 'कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन का केस इसी पॉइंट पर धराशायी हो जाएगा। पुलिस ने खुद अपने केस की कब्र खोद दी है। इस एक चूक से पूरा केस पलट सकता है। आरोपी बरी हो सकते हैं। ये लापरवाही नहीं, अपराध है'।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था।