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Metro Rail: भोपाल में बनेंगे ‘2 अंडरग्राउंड’ मेट्रो स्टेशन, रोज होगी 8 मीटर खुदाई

Bhopal Metro Rail: मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 3.36 किमी लंबाई की अंडरग्राउंड लाइन बनाना तय है....

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Bhopal Metro Rail

Bhopal Metro Rail (Photo Source - Patrika)

Bhopal Metro Rail: जिले में मेट्रो रेल की अंडरग्राउंड दौड़ अब धीरे-धीरे तेज हो रही है। मेट्रो रेल कारपोरेशन से जुड़े इंजीनियर्स के अनुसार, अब रोजाना 6 से 8 मीटर तक अंडरग्राउंड खुदाई की तैयारी है। अब तक टनल बोरिंग मशीन ने महज 15 मीटर तक की ही अंडरग्राउंड दौड़ लगाई है। इसे 14 मीटर रोजाना तक लाने की कवायद है, ताकि जून से पहले 60 से 70 फीसदी काम किया जा सके। बारिश के दौरान अंडरग्राउंड लाइन का काम करने में दिक्कत आएगी। इसे नवंबर तक टालना पड़ सकता है। बता दें कि 30 मार्च को टीबीएम को जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में उतारा गया था।

3.36 किमी की अंडरग्राउंड लाइन

मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 3.36 किमी लंबाई की अंडरग्राउंड लाइन बनाना तय है। ऐशबाग से डीआइजी बंगला, सिंधी कॉलोनी तक भोपाल स्टेशन व नादरा बस स्टैंड होते हुए काम होगा। इसे पूरा करने शुरुआत में तीन से चार माह का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए तीन मशीनों से काम शुरू करना था, लेकिन अभी एक मशीन ही उतारी गई। दो अन्य उतारनी बाकी है। इस कॉरिडोर में दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।

डेढ़ माह ही हो पाएगा तेज काम

प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियर्स के अनुसार, जून से मानसूनी हलचल शुरू होने के बाद गहराई में काम करना कठिन होगा। इस दौरान अन्य काम पूरे किए जाएंगे। टनल का काम फिर अक्टूबर से ही शुरू होगा। यानी तीन माह में पूरा होने वाला काम 8 से 9 माह में पूरा होगा।

मशीन से बाहर नहीं आ रहा कंपन

टीबीएम खुदाई कर रही है और आगे की तरफ बढ़ रही है, लेकिन कंपन ज्यादा नहीं हो रहा है। कंपन की मॉनीटरिंग की जा रही है। बाहर मशीन स्थापित है। मेट्रो के साथ प्रशासन, नगर निगम और कंसल्टेंट के एक्सपर्ट इस पर लगातार नजर रख रहे हैं।

अंडरग्राउंड स्टेशन के तीनों फ्लोर पर क्या होगा

ग्राउंड लेवल: मुख्य एंट्री-एग्जिट, बस/वाहन ड्रॉप-ऑफ जोन, टिकट काउंटर व कमर्शियल शॉप्स।
कॉनकोर्स लेवल: टिकटिंग, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट, ग्राहक सहायता केंद्र, एस्केलेटर-लिफ्ट व प्रतीक्षालय।
प्लेटफॉर्म लेवल:मेट्रो ट्रेन प्लेटफॉर्म, डिजिटल डिस्प्ले, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा व इमरजेंसी सुविधाएं।

अंडरग्राउंड लाइन का काम हम तेजी से पूरा करना चाहते हैं। हमारी टीम ने बाधाओं से लेकर अन्य मामलों को लेकर काम किया है। दिक्कत नहीं आएगी। एस चैतन्य कृष्णा, एमडी मेट्रो रेल