
4667 करोड़ के अटके पड़े प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली में बैठक- demo pic
Nitin Gadkari - मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों यानि एनएच का नेटवर्क बढ़ाया रहा है। प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, पर्यटन तथा सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए यह पहल की जा रही है। इसके लिए सोमवार को नई दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई गई है जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगे। बैठक में प्रदेश में भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेष रूप से प्रदेश में एनएचएआई के अटके प्रोजेक्ट पर चर्चा होगी। बैठक में साढ़े 4 हजार करोड़ से ज्यादा के इन प्रोजेक्ट की राह खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक व्यापक, सुरक्षित व आधुनिक बनाया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और इसे सुदृढ़ कर रहे हैं। एनएच निर्माण को गति देने के लिए 5 जनवरी को नई दिल्ली में बड़ी बैठक होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में भारत मंडपम परिसर में शाम 5 बजे होने वाली बैठक में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
सीएम मोहन यादव समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए भोपाल से नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से जुड़े अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
बैठक में मध्यप्रदेश में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। यहां विशेष रूप से उन प्रोजेक्ट पर चर्चा की जाएगी जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण व वन स्वीकृतियों अथवा अन्य कारणों से प्रभावित या लंबित हैं। इन प्रोजेक्ट को चालू करने के लिए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बता दें कि मध्यप्रदेश में एनएचएआई के कई प्रोजेक्ट अटके हैं। इनमें जबलपुर-दमोह, सतना-चित्रकूट, उज्जैन-झालावाड़ जैसे प्रमुख सड़क प्रोेजेक्ट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि करीब 4667 करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की अनुमति जैसे मुद्दों के कारण लंबे समय से फाइलों में अटके पड़े हैं। इन अटकी परियोजनाओं को गति देने के लिए हाल ही अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है।
जबलपुर-दमोह (पैकेज-1 & 3): करीब 1773 करोड़ रुपए (80 किमी)
सतना-चित्रकूट: 4 लेन का प्रोजेक्ट
उज्जैन-झालावाड़: 4 लेन का प्रोजेक्ट
ओरछा बायपास: 29 किमी लंबा 1005 करोड़ का प्रोजेक्ट
विदिशा-भोपाल (NH-146): 1096 करोड़ रुपए (52 किमी)
अयोध्या नगर बाईपास (NH-46 से NH-146): 1219 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
भूमि अधिग्रहण में दिक्कत
वन विभाग से अनुमति न मिलना
मध्यप्रदेश में एनएच की कुल लंबाई 9300 किलोमीटर से अधिक है। प्रदेश में फिलहाल 61 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत 33 कार्य तथा राष्ट्रीय राजमार्ग (MoRTH-PWD) के अंतर्गत 28 कार्य प्रगतिरत हैं। आज की बैठक में अटके हुए प्रोजेक्ट चालू करने की राह खुलती है तो प्रदेश के हाईवे नेटवर्क में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है।
Published on:
05 Jan 2026 03:09 pm
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