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वंदेभारत एक्सप्रेस में कम पड़ा खाना, IRCTC ने लगाया 50 हजार का जुर्माना

आइआरसीटीसी का एक्शन........

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Vande Bharat Express

भोपाल। वंदेभारत एक्सप्रेस में कोच नंबर सी 13 में खाना कम पडऩे की शिकायत के बाद कैटरिंग एजेंसी पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आइआरसीटीसी) ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आइआरसीटीसी का कहना है कि यह सेवा प्रदाता की कमी है। इसके लिए कैटरिंग कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार हैं।

करंट बुकिंग ज्यादा ले ली

आइआरसीटीसी ने नई दिल्ली के कैटरिंग एजेंसी संचालक आरके एसोसिएट्स को सख्त चेतावनी दी है कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए। नहीं तो फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी आइआरसीटीसी के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि एजेंसी के कर्मचारियों ने चलती ट्रेन में खाने की करंट बुकिंग ज्यादा ले ली थी।

यात्रियों को पसंद आ रहा है 'लंच-डिनर'

हालांकि बीते दिनों से रानी कमलापति-निजामुद्दीन के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रेन में यात्री बढ़ते ही यात्रियों को मिलने वाले लंच और डिनर की भी डिमांड बढ़ी है। रानीकमलापति-निजामुद्दीन के बीच ग्वालियर से ही लंच और डिनर तैयार करके दिया जाता है। वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरूआत नियमित रूप से 3 अप्रेल से हुई है। इसमें रानीकमलापति और निजामुद्दीन के लिए अब चेयरकार के साथ एक्जीक्यूटिव क्लास में भी यात्री अपने- अपने स्तर पर अब लंच और डिनर की डिमांड दे रहे हैं।

ग्वालियर से हर दिन इस ट्रेन में दिल्ली के लिए डिनर के लगभग 600 पैकेट और भोपाल के लिए लंच के 500 पैकेट तैयार कराए जा रहे हैं। इस तरह से सुबह और शाम को यहां से ट्रेन में लगभग 1100 पैकेट दिए जा रहे हैं। वहीं अभी तक शताब्दी एक्सप्रेस में ग्वालियर से ही लंच और डिनर की व्यवस्था की जाती है। जिसमें हर दिन लगभग 1150 पैकेट तैयार करके ट्रेन में भेजे जा रहे हैं।

हर दिन बढ़ रहे यात्री

वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन संचालित होती है। यह ट्रेन शनिवार को नहीं जाती है। वहीं शुक्रवार को इस ट्रेन से दिल्ली 258 और भोपाल 147 यात्री गए जिसमें दिल्ली के लिए 258 यात्री गए थे। जिसमें 258 में से 239 चेयरकार और 19 एक्जीक्यूटिव से गए। वहीं भोपाल के लिए 147 में से 133 चेयरकार और 14 एक्जीक्यूटिव से रवाना हुए।