
देश सहित प्रदेश में तीन दिवसीय अखिल भारतीय गिद्ध गणना शुक्रवार को शुरू हो गई। प्रदेश के 73 वन मंडल में गिद्धों की गिनती तड़के से शुरू हो गई थी। इसी के साथ पक्षी सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व में सर्वेक्षण के लिए 11 राज्यों से 74 पक्षी विशेषज्ञों को चुना गया हैं। इनमें कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के प्रतिभागी ज्यादा हैं।
उधर, गिद्धों की गिनती के पहले दिन कान्हा में कुल 143 गिद्ध देखे गए। इनमें 128 वयस्क थे। रीवा जिले में 266 जिले में पहले दिन 266 गिद्ध देखे गए। वन मंडल की 19 टीमों ने पांच जगह गिनती की। माना जा रहा है कि पहाड़ी और जलप्रपात वाले क्षेत्रों में विलुप्त प्रजाति के भी गिद्ध पाए जा सकते हैं। डीएफओ अनुपम शर्मा के अनुसार बढ़ती संख्या के साथ ही अवयस्क गिद्ध भी दिखे हैं, जिससे माना जा रहा है कि अब यहां गिद्धों का स्थाई वास हो रहा है। सुबह मौसम खराब होने से गिनती प्रभावित हुई।
शहडोल में 113
शहडोल जिले के दोनों वनमंडल के पांच रेंज के तय स्पॉट के साथ ही सामान्य वन परिक्षेत्र में भी गिद्धों की तलाश शुरू की गई। पहले दिन वन अमले को 113 गिद्ध पेड़, पहाड़ी व चट्टानों पर दिखे। इनमें सबसे ज्यादा वयस्क गिद्ध देखे गए हैं।
जबलपुर वन मंडल क्षेत्र में पहले दिन पाटन परिक्षेत्र की तमोरिया और कटंगी बीट में गणना हुई। इस दौरान 64 व्यस्क और 11 अवयस्क गिद्ध दिखाई दिए।
Published on:
17 Feb 2024 08:25 am
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