
मानसून हुआ मेहरबान तो सामान्य वर्षा वाले जिलों की संख्या बढ़कर आठ हुई
भोपाल. लगभग एक महीने के अंतराल के बाद पूरे प्रदेश पर एक साथ मेहरबान हुए मानसून ने चार ही दिनों की झमाझम में मानसून के औसत की तस्वीर बदलकर रख दी है। एक बार फिर सामान्य से अधिक और बेहद अधिक वर्षा वाले जिलों की संख्या बढ़ गई है तो एक सप्ताह पहले तक सामान्य से बीस फीसदी से कम रेड कैटेगरी में पहुंचे जिलों की संख्या घटकर 27 से 12 ही रह गई है। अगले दो दिनों में बनने वाला सिस्टम यूं ही मेेहरबान रहा तो आने वाले तीन-चार दिन में पूरे प्रदेश में मानसून के हालात सुधर सकते हैं।
जल्दी आए मानसून और लगातार अच्छी बारिश के चलते 24 जून तक सामान्य से कम वर्षा (सामान्य से 20 फीसदी से कम) वाले रेड कैटेगरी के जिलों की संख्या केवल छह रह गई थी। इसके बाद ही मानसून रूठा और हालात बिगड़ते चले गए और 20 जुलाई तक अल्पवर्षा वाले जिलों की संख्या बढ़ते हुए 27 तक पहुंच गई थी। वहीं सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिलों की संख्या 17 और बेहद अधिक वर्षा वाले जिले केवल तीन रह गए थे। अब सामान्य से अधिक वाले जिले भी बढ़कर 36 हो गए हैं, वहीं बेहद अधिक वर्षा वाले जिलों की संख्या में दो का इजाफा हुआ है।
पहले 20 फीसदी कम बारिश अब रह गई मात्र तीन फीसदी कम
24 जून तक प्रदेश में सामान्य से 79 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी थी। वहीं 20 जुलाई यह आंकड़ा गिरकर सामान्य से 20 फीसदी कम का हो गया। लेकिन वर्षा और मानसून के सक्रिय हो जाने पर प्रदेश अल्प वर्षा की श्रेणी से निकलकर 25 जुलाई की स्थिति में 356.2 मिमी के साथ सामान्य स्तर 368 मिमी के सामान्य स्तर से मात्र तीन फीसदी कम का रह गया है।
Published on:
25 Jul 2021 11:21 pm
