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दिवाली पर इस शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी की पूजा, ज्योतिष अनुसार घर आएगी सुख-समृद्धि

जानें शुभ मुहूर्त और सामग्री.....  

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Diwali subh muhurat

Diwali subh muhurat

भोपाल। दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन मुख्य तौर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, देवी सरस्वती, महाकाली की पूजा होती है। दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। आपके घर और ऑफिस पर पूजा-पाठ का पूर्ण लाभ मिल सके इसके लिए आवश्यक है कि श्रद्धा भक्ति के साथ हम सब दीपावली पूजन सच्चे मन से करने साथ ही सही तरीके से भी पूजा-आराधना करें। पूजा शुभ मुहुर्त का ध्यान रखना बेहत जरूरी है।

पूजा मुहूर्त:

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त – 06:09 PM से 08:04 PM
लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त – 11:39 PM से 12:31 AM, नवम्बर 05
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 04, 2021 को 06:03 AM बजे
अमावस्या तिथि समाप्त – नवम्बर 05, 2021 को 02:44 AM बजे

पूजा में ये सामान जरूर करें इस्तेमाल

शुभ मुहूर्त में पूजा करने के साथ ही सही सामग्री भी साथ में रखें. फल, मेवा, मिठाई के अलावा जो सामान इस पूजा के लिए जरूरी होता है, वह है शरीफा, गन्ना, कैथा, अमरख, कमल का फूल, इमली और बैंगनी फूल की माला. आज गणेश लक्ष्मी पर बैंगनी फूलों की माला जरूर चढ़ाएं.

लक्ष्मी पूजा की विधि

-दिवाली पर लक्ष्मी पूजा से पहले घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
-घर को अच्छे से सजाएं और मुख्य द्वार पर रंगोली बना लें।
-पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर वहां देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
-चौकी के पास जल से भरा कलश रख दें।
-माता लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा पर तिलक लगाएं और उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं।
-दीपक जलाकर उन्हें जल, मौली,गुड़, हल्दी, चावल, फल, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें।
-इसके बाद देवी सरस्वती, मां काली, श्री हरि और कुबेर देव की विधि विधान पूजा करें।
-महालक्ष्मी पूजा के बाद तिजोरी, बहीखाते और व्यापारिक उपकरणों की पूजा करें।
-अंत में माता लक्ष्मी की आरती जरूर करें और उन्हें मिठाई का भोग लगाएं।
- घर-परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बांट दें।