
(सोर्स: सोशल मीडिया)
MP News: गुटखे की लत से एक युवक का मुंह खुलना बंद हो गया, जिससे बोलने, खाने-पीने में तकलीफ होने लगी। दो साल से परेशान युवक को उपचार में हर तरफ से निराशा मिली लेकिन जब वह बीएमसी पहुंचा तो यहां दंत रोग विभाग ने सर्जरी का निर्णय लिया। पहली बार इस तरह की सर्जरी कर युवक के जबड़े को ठीक किया गया।
बीएमसी के दंत रोग विभाग के डॉक्टर्स ने 3 घंटे तक जटिल सर्जरी की। इसके बाद 24 वर्षीय अखिलेश (नाम परिवर्तित) सामान्य जीवन जी पा रहा है। बता दें कि अखिलेश ने सागर संभाग के कई चिकित्सकों से इलाज कराया, लेकिन किसी ने भी उसकी स्थिति को सुधारने योग्य नहीं बताया। करीब 15 दिन पहले अखिलेश बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग पहुंचा। डॉ. श्वेता भटनागर ने मरीज की जांच की और अपने स्टाफ को सर्जरी की तैयारी करने के निर्देश दिए। सफल सर्जरी के बाद अखिलेश का जबड़ा धीरे-धीरे खुलने लगा।
मंगलवार को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अब वह सामान्य भोजन ले पा रहा है और साफ-साफ बोल भी पा रहा है। कई वर्षों से सिकुड़े जबड़े को बिना नुकसान पहुंचाए पुन: खोलना और ऐसे केस में एनेस्थीसिया देना जैसी चुनौतियों को पार करते हुए डॉक्टर्स ने 3 घंटे में जटिल सर्जरी कर दी। टीम ने युवक के फाइब्रोटिक बैंड्स को हटाया और चेहरे से नेसो लेबियल फ्लैप लेकर मुंह को सामान्य किया।
अखिलेश को पान-गुटखा की आदत थी। पहले मुंह का खुलना कम हुआ, फिर वह इतनी गंभीर अवस्था में पहुंच गया कि मुंह पूरी तरह बंद हो गया। डॉक्टरों की भाषा में यह स्थिति सबम्यूकोस फाइब्रोसिस कहा जाता है। इसमें मरीज के मुंह के अंदर के ऊतकों का सिकुड़ना शुरू हो जाता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पान-मसाला, गुटखा और तंबाकू जैसे उत्पाद लंबे समय तक सेवन करने पर मुंह के अंदर ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं। समय रहते आदत छोड़ना और नियमित जांच आवश्यक है।
Updated on:
19 Nov 2025, 1:13 PM IST
Published on:
19 Nov 2025, 1:12 PM IST
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