
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): कोर्णाक के सूर्य मंदिर के रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग करने के ओडिशा सरकार की मांग पर एएसआई यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सफाई दी है। एएसआई का कहना है कि कोर्णाक से एक भी ओरिजिनल पत्थर नहीं हटाया गया है। केंद्रीय पर्यटन एवं सांसकृतिक मंत्री महेश शर्मा को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आरोप लगाया था कि कलात्मक नक्काशी वाले पत्थर के स्थान मामूली पत्थर लगाए जा रहे हैं।
एएसआई ने प्रतिवाद किया
नवीन ने चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से रखरखाव में लापरवाही बरतने की जांच की मांग की है। एएसआई अधीक्षक भुवनेश्वर अरुण मलिक ने एएसआई पर मुख्यमंत्री के आरोप निराधार बताते हुए कहा कि एक भी साधारण पत्थर नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआरई (सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) की रिपोर्ट के आधार पर कोर्णाक का रखरखाव किया जाता है।
निजी क्षेत्र को देना संभव
केंद्र सरकार की एडॉप्ट हेरिटेज योजना में ओडिशा की प्रमुख धरोहरों के उचित रखरखाव के लिए निजी हाथों में देने का पत्र ओडिशा सरकार को भी लिखा गया है। लालकिला को डालमिया घराने को कुछ वर्षों के लिए देने की तर्ज पर देश की प्रमुख धरोहरों को कारपोरेट घरानों को लीज पर देने की संभावना है। ओडिशा सरकार को भेजा गया पत्र इसी कड़ी में है।
बेखबर है राज्य सरकार
पर्यटन विभाग के सूत्र बताते हैं कि सूर्य मंदिर कोर्णाक (पुरी), राजारानी मंदिर (भुवनेश्वर) तथा रत्नगिरि (जाजपुर) को एक अंतर्राष्ट्रीय होटल ग्रुप कंपनी ने लेने में रुचि दिखायी है। इस कंपनी का प्रस्ताव पर्यटन विभाग के जवाब के इंतजार में है। पयर्टन मंत्री अशोक पंडा ने बताया कि एक बार केंद्र की धरोहरों के एडाप्ट हेरिटेज योजन पर चर्चा जरूर हुई थी।
Published on:
13 Nov 2018 04:46 pm
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