
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इसी कड़ी में ओडिशा की भाजपा सरकार ने एक और महिला-केंद्रित योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (एमकेबीवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को शादी के लिए 51,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले दिल्ली, तमिलनाडु , बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों ने महिलाओं के लिए नकद योजनाओं की घोषणा की थी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना घरेलू खर्च को कम करने तथा वैवाहिक प्रथाओं में गरिमा, वैधता और सरलता बनाए रखने के लिए शुरू की गई है। इस नई पहल से सत्तारूढ़ भाजपा को बीजू जनता दल (बीजद) के महिला समर्थन आधार में सेंध लगाने और उनके बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
भाजपा ने सुभद्रा योजना के वादे के साथ ही बीजद के गढ़ में सेंध लगाने में सफलता हासिल की थी। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को पांच साल की अवधि में 50,000 रुपये दिए जाएंगे। 2024 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर भाजपा ने राज्य में पहली बार सत्ता हासिल की। पार्टी ने उसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर इस योजना की घोषणा की थी।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सुभद्रा योजना से 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित होंगी। हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी पात्र लाभार्थी इसके लाभ से वंचित न रहे। इस योजना ने जमीनी स्तर पर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।
दिशानिर्देशों के अनुसार, 51,000 रुपये की कुल वित्तीय सहायता में से 35,000 रुपये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थी के खाते में सीधे जाएंगे। लाभार्थियों को 10,000 रुपये मूल्य के विवाह उपहार भी मिलेंगे, जिनमें दुल्हन की साड़ी और अन्य सामान जैसे बिंदी, चूड़ियां, एक जोड़ी पारंपरिक पायल, एक जोड़ी बिछिया और बर्तन शामिल हैं। शेष 6,000 रुपये गैर-सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों द्वारा विवाह के संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे।
Published on:
06 Dec 2025 06:51 pm
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