
violence file photo
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): जगन्नाथ पुरी में हिंसा के दौरान जूते पहने मंदिर में घुसी पुलिस वाले मामले व हिंसा पर सुनवाई की तारीख मुल्तवी कर दी गई है। अब 30 नवंबर को सुनवाई की जाएगी। मालूम हो कि तीन अक्टूबर को पुरी बंद के दौरान भारी हिंसा हुई थी जिसमें अब तक 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि पुरी के मामले में सुप्रीमकोर्ट द्वारा तैनात न्याय मित्र गोपाल सुब्रह्मण्यम के स्वास्थ कारणों की वजह सुनवाई टाली गई।
3 अक्टूबर को हुई थी हिंसा
तीन अक्टूबर को भीड़ नियंत्रण के लिए पुरी मंदिर में जूते पहने घुसी पुलिस वाले मामले में याचिका दायर की गयी थी। इस दिन जगन्नाथ सेना, सेवायत और राजनीति से जुड़े लॊगों ने भारी विरोध करते हुए पुरी बंद का आह्वान किया था। लाइन लगाकर दर्शन का प्रबल विरोध किया गया था। कैबिनेट मंत्री महेश्वर महंति का आवास, श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन, बड़दंड में तोड़फोड़, आगजनी की घटना हुई थी।
सुप्रीमकोर्ट से मौत मांगी
श्रीजगन्नाथ पुरी के सेवायत नरसिंह पूजापंडा ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका देकर मौत मांगी है। उनका कहना है कि कोर्ट उन्हें आत्महत्या की अनुमति दे। भक्तों से दान नहीं लेंगे तो परिवार कैसे चलेगा। नरसिंह दो दिन पहले दिल्ली गए थे।
Published on:
31 Oct 2018 04:48 pm
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