
odisha assembly
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): ओडिशा विधान सभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। यह सत्र 15 दिसंबर तक चलेगा। कुल 23 कार्य दिवस में कई महत्वपूर्ण विधेयक पास कराने की कोशिक की जाएगी। सत्र में हंगामा होने के आसार हैं। विपक्षी दलों ने बीजेडी की नवीन पटनायक सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। कुल 147 विधायकों वाले इस सदन में 118 सदस्य बीजेडी के हैं, जबकि 10 बीजेपी तथा 16 कांग्रेस के हैं। हालांकि बिजेपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने सीट गवां दी थी पर कांग्रेस ने सुंदरगढ़ के बीरमित्रपुर के निर्दल विधायक जॉर्ज तिर्की को पार्टी में शामिल कराके संख्या बराबर कर ली थी।
इन मुद्यों पर विपक्ष की सरकार को घेरने की योजना
विपक्षी दलों ने सरकार को किसानों के मुद्दों, तितली चक्रवाती तूफान में हुई मौतों और आपदा प्रबंधन में गड़बड़ी, हाईकोर्ट वकीलों की 78 दिनी हड़ताल तथा भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया है। दूसरी तरफ सत्ता दल बीजेडी ने केंद्र पर निशाना साधने के लिए ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने में मोदी सरकार की वादाखिलाफी, पोलावरम और महानदी के मुद्दे पर केंद्र पर हमला करने की ठानी है। सत्ता दल के इन मुद्दों में उसे कांग्रेस का समर्थन मिल सकता है तो दूसरी ओर सरकार पर हमला करने के दौरान कई मुद्दे ऐसे हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के सुर में सुर मिला सकते हैं।
उठ सकता है लोकयुक्त नियुक्ति का मामला
भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाने के दौरान लोकायुक्त की नियुक्ति का भी मामला उठ सकता है। नेता विपत्र नरसिंह मिश्र ने बताया कि किसानों का मुद्दा उनकी पार्टी के विधायक प्रमुख रूप से उठाएंगे। फसल बीमा की रकम अब तक नहीं बांटी गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केंद पर निशाना साधा जाएगा। बीजेपी विधायक दल के प्रवक्ता प्रदीप पुरोहित ने बताया कि भ्रष्टाचार के कारण ओडिशा सरकार को पीसी (प्रतिशत) सरकार कहा जाने लगा है। शर्म की बात है। भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुख होगा।
Published on:
15 Nov 2018 08:46 pm
बड़ी खबरें
View Allभुवनेश्वर
ओडिशा
ट्रेंडिंग
