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ओडिशा: हंगामे की भेंट चढा विधानसभा का शीत सत्र, अभिजीत अय्यर पर रिपोर्ट सौंपने के बाद सदन स्थगित

अध्यक्ष ने बैठक शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी...

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(पत्रिका ब्यूरो, भुवनेश्वर): ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया। सदन अध्यक्ष के अनुरोध को नकारते हुए कांग्रेसी सदन कूप तक जा पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने बैठक शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले सदन की विशेषाधिकार समिति ने दिल्ली के स्वतंत्र पत्रकार अभिजीत अय्यर मित्रा पर अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी। इस पर शनिवार को चर्चा की जाएगी। ओडिशा के दो मंदिरों और विधायकों पर टिप्पणी को लेकर उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी। वह झारपाड़ा जेल में हैं। हालांकि अभिजीत ने माफी मांग ली है, पर अब तक उसे जमानत नहीं मिली। समिति के अध्यक्ष नेता विपक्ष नरसिंह मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट सौंप दी गई है।

सदन स्थगित होने के कारण उस पर आज चर्चा नहीं की जा सकी। शनिवार की बैठक में अभिजीत पर रिपोर्ट को लेकर चर्चा की जाएगी। मिश्रा ने बताया कि सदन की समिति ने इस विषय पर छह बैठकें की। तलब किए जाने पर अभिजीत 23 अक्टूबर को सदन की समिति के समक्ष पेश हुआ था। उसने दो नवंबर को हलफनामा दिया।

विधान सभा की शीतकालनी बैठक में हंगामा होने पर अध्यक्ष प्रदीप अमात ने 12.14 बजे तक सदन स्थगित कर दिया। फिर बैठक शुरू होने के बाद हो हल्ला हुआ। विपक्ष ने प्रश्न प्रहर में किसानों पर चर्चा की मांग की। पर विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार तक के लिए सदन स्थगित कर दिया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दिवंगत पूर्व विधायक प्रसन्न पाल और दो शहीद जवान चम्पेशवर महाकुद व ब्रजमोहन बेहरा तथा टीवी जर्नलिस्ट अच्युतानंद साहू के लिए शोक प्रस्ताव रखा। कांग्रेस के नरसिंह मिश्रा, तारा बाहिनीपति, बीजेपी के केवी सिंह देव ने श्रद्धांजलि दी। विधायकों ने दो मिनट का मौन रखा।