
रोजाना लाखों का अवैध जुआ (Photo source- Patrika)
CG murga ladai: बस्तर की पारंपरिक पहचान मानी जाने वाली मुर्गा लड़ाई अब अपनी सांस्कृतिक छवि से दूर होकर अवैध जुए का अड्डा बन चुकी है। बीजापुर जिले के तारलागुड़ा में हालात सबसे चिंताजनक हैं, जहां ‘अंतरराज्य मुर्गा बाजार’ तारलागुड़ा थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर लगता है। यहां तेलंगाना के सटोरियों का कब्जा है और रोजाना लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा है।
बाजार में प्रवेश के लिए 300 से 500 रुपये के टिकट और 1,000 रुपये का वीआईपी पास बेचा जा रहा है। वीआईपी पासधारकों के हाथ पर विशेष सील लगाई जाती है। पूरा मैदान हरे पर्दों से ढक दिया जाता है ताकि बाहर से कोई अंदर का नजारा न देख सके।
अब स्थानीय ग्रामीणों को भी प्रवेश के लिए टिकट खरीदना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बाजार का संचालन अब तेलंगाना के वानम प्रकाश के हाथों में है। पहले गांव के लोग 50-100 रुपये के टिकट पर पारंपरिक मुर्गा लड़ाई आयोजित करते थे, जो मेल-मिलाप और मनोरंजन का माध्यम था, लेकिन अब यह पूरी तरह व्यावसायिक और अवैध कमाई का साधन बन चुका है।
CG murga ladai: श्रीनिवास रेड्डी, भाजपा नेता: तारलागुड़ा का माहौल खराब किया जा रहा है। मुर्गा बाजार की आड़ में लाखों का जुआ चल रहा है और युवा व बच्चे इसमें फंस रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस तुरंत इस बाजार को बंद करे, वरना किसी बड़ी घटना की आशंका है।
पुरुषोत्तम शाह, जिला अध्यक्ष जनजातीय गौरव समाज: मुर्गा बाजार बस्तर की संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन बाहरी राज्यों के लोग इसे सट्टेबाजी का अड्डा बना रहे हैं, जिससे नाबालिग और ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
Updated on:
13 Aug 2025 12:34 pm
Published on:
13 Aug 2025 12:34 pm
बड़ी खबरें
View Allबीजापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
