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सड़क घोटाले में लोक निर्माण विभाग के 5 अधिकारी गिरफ्तार, पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ा मामला

CG News: जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पूर्व में ही गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल आठ अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है।

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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ा मामला (Photo source- Patrika)

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ा मामला (Photo source- Patrika)

CG News: बीजापुर जिले में बहुचर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड से जुड़े गंगालूर-मिरतूर सड़क निर्माण घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हुए अफसरों में दो रिटायर्ड ईई, एक वर्तमान ईई, एक एसडीओ तथा एक उप अभियंता शामिल हैं।

CG News: प्रदेश में फैली सनसनी

गौरतलब है कि वर्ष 2025 की 1 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव एक सैप्टिक टैंक में छिपा दिया था। बताया जाता है कि पत्रकार ने इसी सड़क परियोजना में गड़बड़ियों को उजागर किया था, जिसके बाद यह हत्याकांड हुआ। घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।

बीजापुर पुलिस ने डी.आर. साहू (रिटायर्ड ईई ), वी.के. चौहान (रिटायर्ड ईई), एच.एन. पात्र (तत्कालीन ईई), प्रमोद सिंह कंवर (एसडीओ, बीजापुर), संतोष दास (सब इंजीनियर) की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले बी.एल. ध्रुव (तत्कालीन ईई ) आर.के. सिन्हा (एसडीओ), जी.एस. कोडोपी (सब इंजीनियर) की गिरतारी हो चुकी है।

बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के अनुसार, गंगालूर से नेलसनार तक की सड़क के निर्माण में अनियमितताएँ पाई गईं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पूर्व में ही गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल आठ अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है।

CG News: पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ा मामला

वर्ष 2010 में मंजूर हुई गंगालूर-मिरतूर सड़क परियोजना की प्रारंभिक लागत 73.8 करोड़ थी, जो वर्ष 2018 तक बढ़कर 188 करोड़ तक पहुँच गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियाँ उजागर हुईं। बिलिंग में भारी गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज़ और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की पुष्टि हुई है।