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Food Poisoning Case: आश्रम में फूड पॉइजनिंग से हड़कंप, 12 बच्चे ICU में भर्ती, रेफर के दौरान एक की मौत

Food Poisoning Case: जिले के धनोरा आश्रम के 40 बच्चे फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए हैं। इस घटना में 12 बच्चे अभी भी ICU में भर्ती हैं। एक बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए रेफर किया गया था.. लेकिन बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

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Food Poisoning Case

Food Poisoning Case: माता रुक्मणी आश्रम की छात्रा शिवानी तेलम की फूड प्वाइजनिंग से मौत हो गई है। कल दोपहर फूड प्वाइजन का शिकार हुई 27 छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 9 बच्चियों की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया था। आज सुबह दो बच्चियों की हालत और बिगड़ गई, उन्हें जगदलपुर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में शिवानी तेलम ने दम तोड़ दिया।

Food Poisoning Case: बच्चों की सुरक्षा को लेकर नहीं दिखाई दिखाई जा रही गंभीरता

गौरतलब है कि धनोरा में संचालित माता रूकमणी आश्रम में रविवार को खाना खाने के पश्चात अचानक छात्राओं की तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अब 35 बच्चियां बीमार बताई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिले में संचालित आश्रम शालाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

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बच्चों के इलाज की प्रकिया जारी

बता दें कि फूड प्वॉइजनिंग से प्रभावित अन्य बच्चों का इलाज बीजापुर जिले के अस्पतालों में जारी है। (Chhattisgarh News) इनमें से एक बच्चा डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इलाजरत है, जबकि बाकी बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। घटना के बाद, माता रुक्मणी आश्रम के संस्थापक धर्मपाल सैनी (ताऊजी) बीजापुर अस्पताल पहुंचे और कहा कि स्थिति गंभीर है। बच्चों के इलाज की प्रकिया जारी है।

बीजापुर में लचर व्यवस्था का परिणाम

Food Poisoning Case: फूड पॉइजनिंग से बच्ची की मौत के मामले में कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने दुख जताया और आरोप लगाया कि, छात्रा की मौत बीजापुर में लचर व्यवस्था का परिणाम है। स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद भी यहां की व्यवस्था नहीं सुधरी। विक्रम मंडावी ने कहा कि, सरकार आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है। परिणामस्वरूप जिले में लगातार मौत हो रही है।