
CG News: बीजापुर जिले में कुछ दिन पहले नक्सलियों के डिविजनल एरिया कमेटी मेंबर दिनेश मोडिय़ाम ने सरेंडर किया था। गुरुवार को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में दिनेश की भूमिका अहम बताई जा रही। दिनेश पर 100 से ज्यादा जवानों की हत्या का आरोप था लेकिन अब वह 26 नक्सलियों के लिए काल बना है। दरअसल उसके बताए इनपुट्स के आधार पर ही गंगालूर के जंगलों में ऑपरेशन लॉन्च किया गया और फोर्स को साल की दूसरी बड़ी सफलता मिल गई।
दिनेश गंगालूर इलाके में ही 20 साल तक आतंक का पर्याय था। उसे गंगालूर के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। उसे पता था कि इस इलाके में नक्सली कब और कैसे मूवमेंट करते हैं। फोर्स ने उसके इनपुट का इस्तेमाल किया और बड़ी सफलता मिल गई। दिनेश बीजापुर जिले में हुई नक्सल घटनाओं में अधिकांश का मास्टरमाइंड था। वह मोस्ट वांटेड था। सरकार ने इस पर 8 लाख रुपए का इनाम रखा था।
सरेंडर करने के बाद डीआरजी जवान बना था शहीद राजू
गुंरुवार को हुई मुठभेड़ में शहीद डीआरजी जवान राजू ओयाम बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के बोडक़ा का रहने वाले था। उसने कुछ महीने पहले ही नक्सली विचारधारा छोड़ी थी और मुख्यधारा में शामिल हुआ। राजू की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वह फोर्स के लिए लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ। शुक्रवार को बीजापुर के पुलिस लाइन में उसे अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।
नक्सलियों के पास से ये हथियार बरामद
Published on:
22 Mar 2025 08:08 am
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