
Maoism and Naxalism in Chhattisgarh: बस्तर में पिछले कुछ महीनों से नक्सलियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की कार्रवाई से माओवादियों के नेटवर्क को भारी नुक्सान हुआ है। बस्तर को नक्सली अब तक सुरक्षित स्थल मान कर चल रहे थे वहां अचानक सुरक्षा बलों की बढ़ी सक्रियता से वे तिलमिला गए हैं। नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन के तहत जिस तरह सुरक्षा बल नक्सलियों को खत्म कर रहे हैं और भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्रियां बरामद कर रहे हैं उससे माओवादियों में बौखलाहट बढ़ गई है। इसी आक्रोश में आदिवासियों को भड़काने के लिए नक्सलियों ने पर्चों के माध्यम से भ्रामक प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है। पर्चों में नक्सलियों ने मुठभेड़ों को झूठा बताते हुए लिखा है कि इससे केवल निर्दोष आदिवासियों की जान जा रही है। पर्चों में नक्सलियों ने 30 मार्च को बीजापुर बंद रखने की बात भी लिखी है।
पर्चों को प्रसारित करने का दावा कर रही है बीजापुर में नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन समिति जिसके नाम से आदिवसियों को डराया धमकाया जा रहा है। पर्चों में नक्सलियों की इस समिति के स्वघोषित सचिव मोहन का नाम भी है।
नक्सलियों ने कहा है कि बंद के दौरान एम्बुलेंस, अस्पताल और परीक्षार्थी छात्र -छात्राओं के लिए छूट रहेगी। वहीं परिवहनकर्ता एवं व्यापारियों को नक्सलियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वाहन संचालक और जिले के व्यापारी अगर बंद के दिन वे अपनी प्रतिष्ठानें (Naxal News) खोलेंगे तो उनकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी।
Naxalites call for Bijapur bandh on March 30: एसपी जितेन्द्र यादव ने कहा है कि इस तरह नक्सली जो पर्चा जारी कर रहे हैं ये नक्सलियों की बौखलाहट है। नक्सली अब कमजोर होते जा रहे हैं क्योंकि उनके कोर इलाकों में नए कैंप स्थापित किए गए हैं। अब नक्सली अपना आधार इलाका धीरे-धीरे खोते जा रहे हैं। एसपी ने कहा कि अब तक 14 को मार (Naxalites) गिराया है, वहीं 96 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।
Updated on:
29 Mar 2024, 10:49 AM IST
Published on:
28 Mar 2024, 6:16 PM IST
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