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बड़ी खबर:इस किताब को पढ़ाने से रद्द हो गर्इ इस बड़े स्कूल की मान्यता

मुरादाबाद शिक्षा विभाग ने जांच के बाद की कार्रवार्इ  

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बिजनौर।देश से फरार इस इस्लामिक धर्म गुरु की किताब को बिजनौर के एक बड़े स्कूल में पढ़ाये जाने के मामले में लंबी जांच के बाद स्कूल की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। शिक्षा विभाग मुरादाबाद के एडी के आदेश पर यह कार्रवार्इ की गर्इ है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि मंडलीय समिति ने स्कूल की मान्यता को रद्द करने के आदेश दिये है।इस आदेश के तहत 1 अप्रैल 2018 के नये सत्र से इस स्कूल की मान्यता मान्य नहीं होगी।

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यह किताब पढ़ाने की वजह से रद्द हुर्इ मान्यता

हम आपको बता दे कि जनपद बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र के हरचनपुर ढाकी में इस्लामिक विजन स्कूल में बच्चों को विवादित जाकिर नाईक की किताब इल्म उन नाफ़े को स्कूल में पढ़ाये जाने का मामला कुछ दिनों पहले बिजनौर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने आया था। इस मामले को लेकर पता चला था कि इस स्कूल के क्लास फर्स्ट और सेकंड के बच्चों को ये किताब पढ़ाई जा रही है।

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किताब में इस शख्स को बताया गया नायक

इस किताब में जाकिर नाईक को विवादित न बताकर नायक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जिसे बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। इसी मामले में बिजनौर बीएसए के निर्देश पर किरतपुर एबीएसए शिव कुमार अपनी टीम के साथ स्कूल में जांच करने गए थे। उधर इस जांच को लेकर शिव कुमार ने इस मामले की जांच बिजनौर बीएसए को सौंप दी थी।बीएसए महेश चंद्र ने उस समय बताया था कि इस जांच में स्कूल के बच्चों की जब किताब चेक की गई तो उनमें कुछ भी सामने निकलकर नहीं आया।लेकिन स्कूल के क्लास में लगे टाइम टेबल में ये किताब इल्म उन नाफ़े क्लास सेकंड के छात्रों को नव्वे पीरियड में पढ़ाये जाने के लिये अंकित थी। बहरहाल इस मामले में बिजनौर बीएसए महेश चंद्र ने स्कूल प्रबंधक से जवाब तलब किया था।

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शिक्षा विभाग की जांच के बाद लिया गया ये एक्शन

इस मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था। जिसमें 7 दिन के अंदर स्कूल प्रबंधन को नोटिस का जवाब देना था। नोटिस का जवाब आने के बाद उसी आधार पर स्कूल के खिलाफ मंडलीय समिति को जांच रिपोर्ट और स्कूल प्रबंधन के जवाब को मुरादाबाद एडी को भेजा गया था। जिसके बाद अब स्कूल के खिलाफ कार्रवार्इ करते हुए मान्यता को रद्द कर दिया गया है।