
बिजनौर। आजकल बिजनौर (Bijnor) की बेटी इंटरनेट पर छाई हुई है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उनका वीडियो वायरल होने के बाद साशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई थी। यह वीडियो 27 सितंबर को मानवाधिकार पर आयोजित की गई वाद-विवाद प्रतियोगिता का है।
कार्यक्रम में दिया था भाषण
हम बात कर रहे हैं CRPF कांस्टेबल खुशबू चौहान की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यक्रम में दिए गए उनके भाषण का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इसके बाद सीआरपीएफ (CRPF) ने सफाई भी दी थी। सीआरपीएफ का कहना था कि यह भाषण वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिया गया था। वे मानवाधिकार का समर्थन करते हैं।
पेशे से किसान हैं पिता
खुशबू चौहान बिजनौर की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम नरेन्द्र पाल सिंह है। वह पेशे से किसान हैं। नूरपुर तहसील के ग्राम कुंवर बसेड़ा निवासी खुशबू चौहान ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी हैं। खुशबू के एक भाई और बहन भी हैं। उन्हाेंने धामपुर के कन्या इंटर काॅलेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट किया है। जबकि लाल बहादुर सिंह स्मारक महाविद्यालय गोहावर से स्नातक और देवता महाविद्यालय मोरना से पीजी किया। खुशबू ने गौतमबुद्ध नगर के मायावती राजकीय महिला पॉलीटेक्निक बादलपुर से डिप्लोमा किया है। फिलहाल इनका परिवार नोएडा के सेक्टर-87 में रह रहा है।
2017 में ज्वाइन किया था CRPF
उन्होंने 22 मार्च 2017 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ज्वाइन किया था। उन्होंने अजमेर में अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद वह नक्सली क्षेत्र सुकमा (छत्तीसगढ़), मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तैनात रह चुकी हैं। लोकसभा चुनाव में भी उनकी ड्यूटी लगी थी। लोकसभा चुनाव होने के बाद उनको सीआरपीएफ बटालियन 233 (एम) बीएन ग्रुप सेंटर लखनऊ में तैनाती मिली। खुशबू के भाई अंकित चौहान नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। उनका कहना है कि खुशबू सरल स्वभाव की है। उसको पढ़ने का शौक है। वह शुरू से ही वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेती रही हैं।
Updated on:
09 Oct 2019 02:21 pm
Published on:
09 Oct 2019 01:38 pm
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