
रोहिणी, चंद्रशेखर और मायावती फोटो सोर्स पत्रिका
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ उनकी पूर्व साथी डॉ. रोहिणी घावरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऑडियो शेयर किया।
रोहिणी ने पोस्ट में लिखा कि बहनजी के प्रति चंद्रशेखर की सोच बेहद घटिया है। ये बहुजन आंदोलन को खत्म करने की साजिश है।
रोहिणी के अनुसार, ऑडियो में सुनी जाने वाली आवाज खुद चंद्रशेखर आजाद की है। दावा है कि बातचीत में चंद्रशेखर, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और कांशीराम साहब को लेकर विवादित बातें कर रहे हैं। ऑडियो में साफ तौर पर चंद्रशेखर कहते हैं कि मायावती काशीराम को ब्लैकमेल करती थी। उनके भाई ने छाती पर पिस्टल रख दी थी। बातचीत के आगे अंश में उनके मुताबिक, चंद्रशेखर यह कहते सुने जा सकते हैं कि “अगर मुझे उत्तराधिकारी बनाया गया। तो मैं आजाद समाज पार्टी को बसपा में मिला दूंगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर अमेरिका में रहने वाले सोनू अंबेडकर की किताब “कांशीराम साहब की हत्यारन” लोगों में बांटकर बहनजी के खिलाफ जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
रोहिणी का कहना है कि इस बातचीत से साफ है कि वह बहुजन आंदोलन के प्रति निष्ठावान हैं। जबकि चंद्रशेखर उस आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश में हैं। उन्होंने सवाल उठाया “क्यों हमारे महापुरुषों के प्रति नई पीढ़ी के मन में नफरत भरी जा रही है? आखिर यह साजिश किसके इशारे पर हो रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो भी इस ऑडियो को एआई जनरेटेड या फेक साबित कर देगा। उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। रोहिणी ने बताया कि वह शाम 7 बजे फेसबुक लाइव पर आकर पूरी बात सामने रखेंगी। और लोगों के सवालों के जवाब देंगी।
रोहिणी: “मैं पूरी कोशिश करूंगी, मेरा वादा है। आपने मुंह न फेरा होता तो आज हालात और होते।
चंद्रशेखर: “तू कोशिश कर, मैं मिलने जरूर जाऊंगा।”
रोहिणी: “अगर वो कहें पार्टी का विलय कर दो, तो क्या करोगे?”
चंद्रशेखर: “मैं कहूंगा मुझे उत्तराधिकारी बना दें।”
रोहिणी: “अगर वो राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहें तो?”
चंद्रशेखर: “राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तराधिकारी दोनों चाहिए।” हालांकि बसपा में दोनों एक ही पद है। बातचीत में आगे चंद्रशेखर यह भी कहते सुनाई देते हैं कि उन्होंने अपने दम पर बसपा को चुनौती देने लायक स्थिति बना ली है। मायावती को उत्तराधिकारी घोषित करने पर मजबूर कर दिया है। ऑडियो में चंद्रशेखर यह भी कहते हैं कि मायावती ने कांशीराम से सत्ता हासिल करने के लिए उन्हें ब्लैकमेल किया था।
इससे पहले गुरुवार को डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया पर दो पोस्ट डालकर संकेत दिए थे कि वह कुछ बड़ा खुलासा करने वाली हैं। उन्होंने लिखा था।“जो सच मैं कल दिखाने वाली हूं, उसे फेक या एआई कहकर साबित करने वाले को 1 करोड़ का इनाम। फर्जी नेता की उलटी गिनती शुरू।”
Updated on:
24 Oct 2025, 9:22 PM IST
Published on:
24 Oct 2025, 9:20 PM IST
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