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Bijnor News: बिजनौर में शिव मंदिर में तोड़फोड़, नशे में युवक ने खंडित की मूर्तियां, आरोपी गिरफ्तार

Bijnor Police Action: बिजनौर के धामपुर थाना क्षेत्र के गांव सरकड़ा चकराजमल में स्थित शिव मंदिर में नशे की हालत में युवक द्वारा शिवलिंग और नंदी महाराज की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना से गांव में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।

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बिजनौर के धामपुर में शिव मंदिर में तोड़फोड़ से मचा बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में तनाव के बाद शांति (Source: Police Media Cell)

बिजनौर के धामपुर में शिव मंदिर में तोड़फोड़ से मचा बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में तनाव के बाद शांति (Source: Police Media Cell)

Drunk Youth Vandalises Shiva Temple in Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के थाना धामपुर क्षेत्र से धार्मिक भावनाओं को आहत करने की एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। धामपुर के गांव सरकड़ा चकराजमल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में नए साल की पार्टी के बाद एक युवक द्वारा नशे की हालत में शिवलिंग और नंदी महाराज की मूर्ति को खंडित किए जाने की घटना ने पूरे गांव में आक्रोश फैला दिया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि पुलिस की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया।

नए साल के पहले दिन तोड़ी शिव लिंग  

घटना का खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब गांव की महिलाएं रोजाना की तरह पूजा-अर्चना के लिए शिव मंदिर पहुंचीं। मंदिर में प्रवेश करते ही उन्होंने देखा कि शिवलिंग टूटा हुआ है और नंदी महाराज की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी हुई है। यह दृश्य देखकर महिलाएं स्तब्ध रह गईं और कुछ ही देर में इसकी सूचना पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना था कि शिव मंदिर गांव की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है और इस तरह की हरकत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। ग्रामीणों ने इसे सुनियोजित तरीके से धार्मिक भावनाओं पर हमला बताया और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्यवाही 

सूचना मिलते ही थाना धामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत रहने की अपील की। इसी बीच कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घटना के विरोध में नारेबाजी की। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। मंदिर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान सामने आया कि नए साल की रात गांव के ही एक युवक ने शराब के नशे में मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान गांव निवासी विदित राजपूत के रूप में की।

खंडित शिवलिंग और नंदी को हरिद्वार में किया विसर्जन 

इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीओ धामपुर अभय कुमार पांडे ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास सामने आया है और वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना महज नशे की हालत में की गई हरकत थी या इसके पीछे कोई अन्य मंशा भी थी। घटना के बाद गांव में धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने आपसी सहमति से खंडित शिवलिंग और नंदी महाराज की मूर्ति को विधि-विधान के साथ हरिद्वार ले जाकर गंगा में विसर्जित किया। गांव के बुजुर्गों और पंडितों की मौजूदगी में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ यह कार्य संपन्न कराया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया कि गांव के सहयोग से नई शिवलिंग और नंदी महाराज की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।

गांव में पुलिस बल तैनात 

फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह शांत बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर धार्मिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की तत्परता से जहां एक ओर गांव में शांति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है। धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों की सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून का सख्ती से पालन ही ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की कार्रवाई से न्याय मिलेगा और भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की शर्मनाक हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा।