SC-ST ACT : यूपी में इस IAS के खिलाफ स्टेनो ने पुलिस को दी शिकायत, राष्ट्रपति को भी भेजा पत्र

SC-ST ACT : यूपी में इस IAS के खिलाफ स्टेनो ने पुलिस को दी शिकायत, राष्ट्रपति को भी भेजा पत्र

Rahul Chauhan | Publish: Sep, 09 2018 04:31:48 PM (IST) Bijnor, Uttar Pradesh, India

केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट को मान्यता देने के बाद जहां देशभर में सवर्ण जाति के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

बिजनौर। केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट को मान्यता देने के बाद जहां देशभर में सवर्ण जाति के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं अब बिजनौर जिले में इसके प्रयोग को लेकर पहला मामला सामने आया है।यहां एससी-एसटी एक्ट का मामला किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि एक आइएएस अधिकारी का है। जिसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच हुआ है।

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स्टेनो ने एसडीएम के पद पर तैनात एक आइएएस अधिकारी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप लगाया है। थाने में तहरीर देकर स्टेनो ने मांग की है कि एसडीएम के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाए। वहीं एसडीएम का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है और न ही मैंने जातिसूचक शब्द कहे हैं।

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दरअसल, जिले में चांदपुर एसडीएम के पद पर तैनात आइएएस अधिकारी आलोक यादव के खिलाफ उनके ही स्टेनो ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मोहल्ला कस्साबान निवासी किशन चंद्र एसडीएम चांदपुर कार्यालय में स्टेनो के पद पर तैनात हैं। फोन पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एसडीएम ने 29 अगस्त को चांदपुर एसडीएम का चार्ज लिया था। तभी से वो मेरा लगातार मानशिक रूप से उत्पीड़न कर रहे है। साथ ही बात बात पर धमकी देते हैं और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं।

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6 सितंबर को ही उन्होंने ने मुझे धमकी देते हुए कहा था कि तुमने कभी आइएएस के साथ काम नही किया है। इस बात को लेकर मैंने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने धामपुर तहसील में तैनात आइएएस अधिकारी के साथ काम किया है। इसे लेकर एसडीएम अपना आपा खो बैठे और मुझे आपत्तिजनक जाति शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली देने लगे। मैंने डाक के माध्यम से एसपी बिजनौर उमेश कुमार सिंह को शिकायती पत्र भी भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, राष्ट्रपति और राज्यपाल को भी 6 सितंबर को शिकायती पत्र भेजा है।

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वहीं चांदपुर थाना इंस्पेक्टर का कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने से पूर्व विभागीय जांच जरूरी है। अभी पुलिस भी अपने स्तर से भी जांच कर रही है। इसकी शिकायत एसपी से भी की गई है। एसडीएम आलोक यादव का कहना है कि इस तरह का कोई मामला नहीं हुआ और उन्हें तो इसकी जानकारी भी नहीं है। अभी सात दिन पहले ही उन्होंने चांदपुर एसडीएम का चार्ज लिया है और अभी तक वह पूरे स्टाफ को भी सही से नहीं जानते।

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