
education department
एक तरफ राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए पदोन्नतियां, नियुक्तियां और स्टाफिंग पैटर्न आदि लागू कर रही है, इसके बावजूद भी प्रारंभिक शिक्षा की स्कूलों में शिक्षको के रिक्त पद सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावों का मखौल उड़ा रहे हैं।
जिले की प्रारंभिक शिक्षा की सैकड़ों स्कूलें एक ही शिक्षक के भरोसे चल रही हङ्क्ष। सैकड़ों प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए जिम्मेदार है तो उन्हीं के कंधों पर मिड डे मील की व्यवस्था करना भी है।
जिले की 433 प्रारंभिक शिक्षा की स्कूलें एक शिक्षक के भरोसे चल रही हैं। इसमें 419 प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक है तो 14 एेसी उच्च प्राथमिक स्कूल है जहां कक्षा 1 से 8 तक में एक-एक शिक्षक के भरोसे ही गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का कार्य चल रहा है। एेसे मे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि एेसी स्कूलों में बच्चों को कैसी शिक्षा दी जा सकती है।
शिक्षण व्यवस्था के नाम पर विभागीय निर्देशों के विपरीत चहेते शिक्षकों को लाभ देने का आरोप भी शिक्षक नेता लगा रहे है । राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में शिक्षण व्यवस्था व समायोजन न करने के निर्देशों के बाद भी कई चहेते शिक्षकों को राजनीतिक सिफारिशो के आधार पर दूसरे ब्लॉक में लगाया गया है।
इनमें खाजूवाला, कोलायत व नोखा ब्लॉक के शिक्षकों को बीकानेर में लगाया गया है। इसके अलावा शिक्षण व्यवस्था के नाम पर खाजूवाला ब्लॉक में 20-25, कोलायत ब्लॉक में 30-35 व बीकानेर ग्रामीण में 10-12 तथा शहर में भी करीब 10 शिक्षकों को शिक्षण व्यवस्था के नाम पर सुविधाजनक स्थानों पर लगाया गया है।
ब्लॉक वार एकल शिक्षक स्कूलें
ब्लॉक प्राथमिक उच्च प्राथमिक
बीकानेर शहर 05 06
बीकानेर ग्रामीण 09 03
डूंगरगढ 22 01
खाजूवाला- 73 01
कोलायत 146 03
नोखा 20 00
पांच 80 00
लूणकरणसर 64 00
विशेष परिस्थितियों में किया निस्तारण
&मैं अवकाश पर चल रहा हूॅ लेकिन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए निदेशक की अनुमति से कुछ शिक्षकों की परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया है। एेसे प्रकरणों में शिक्षण व्यवस्था नही की गई है।
रामवतार व्यास, जिलाशिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा
&एक तरफ सैकड़ों परिवेदनाएं लम्बित है उनका निस्तारण नहीं किया जा रहा दूसरी तरफ कुछ पहुंच वालें शिक्षकों की परिवेदनाएं विशेष परिस्थितियों के नाम पर निस्तारित कर दी जाती है, शिक्षकों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति उचित नहंी है।
श्रवण पुरोहित, प्रदेश मंत्री शिक्षक संघ, शेखावत
Published on:
15 Oct 2016, 11:48 PM IST
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