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दो सौ करोड़ की सड़क निर्माण से पहले करोड़ों के पैचवर्क का पौचा

दो सौ करोड़ की सड़क निर्माण से पहले करोड़ों के पैचवर्क का पौचा

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दो सौ करोड़ की सड़क निर्माण से पहले करोड़ों के पैचवर्क का पौचा

दो सौ करोड़ की सड़क निर्माण से पहले करोड़ों के पैचवर्क का पौचा

-दिनेश स्वामी

बीकानेर. बदहाल सड़क पर हिचकोले खाते वाहन में सवार लोग भले ही परेशान हो। वाहन के शोकर से लेकर चेस्सी और बॉडी से आवाज आने लग जाए। परन्तु एेसी खस्ताहाल सड़क राजनीतिक फसल उपजाने के लिए जनप्रतिनिधि और अफसर मूफीद मानते है। एेसा ही एक उदाहरण बीकानेर से सत्तासर के 70 किलोमीटर लम्बे सड़क मार्ग का सामने आया है। गत विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस सड़क के री-कारपेट कार्य के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने निविदा निकाली। तब कांग्रेस के नेताओं ने चुनावी फायदा उठाने की मंशा जताते हुए इसका विरोध कर चुनाव आयोग को शिकायत कर कार्य रूकवा दिया। बाद में ढाई साल जनता बदहाल सड़क से परेशान रही। अब इस सड़क पर पैचवर्क का कार्य करवाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है।

दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव से पहले इसी सड़क मार्ग को केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी भारतमाला से जोड़ते हुए नेशनल हाइवे का दर्जा देने की घोषणा कर गए थे। जो फाइल अभी मंत्रालयों में अटकी हुई है। नेशनल हाइवे के रूप में सड़क निर्माण कार्य की फाइल दिल्ली में रूकी होने पर राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी। सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री ने बजट में सत्तासर से बीकानेर सड़क मार्ग पीपीपी मोड पर बनाने की घोषणा की। इसके लिए दो सौ करोड़ रुपए की निविदा निकाली गई। सड़क पीपीपी मोड पर बन रही है, एेसे में टोल वसूली भी प्रस्तावित है। सड़क निर्माण टेंडर की टेक्नीकल बिड़ खुल चुकी है। वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है, जिसे पूरा होने में ज्यादा समय नहीं लगने वाला। इस प्रक्रिया से ठीक पहले करीब सात करोड़ रुपए से पैचवर्क कराने का कार्य शुरू किया गया है। जिसे लेकर सवाल उठ रहे है कि जब सड़क नए सिरे से बनाई जानी है तो पैचवर्क क्यों कराया जा रहा है।


-बीकानेर से सत्तासर के 70 किलोमीटर बदहाल सड़क पर बिछी बिसात
-केन्द्र सरकार नेशनल हाइवे बनाने की तैयारी में, स्टेट ने कर दिए टेंडर
-दोनों कार्रवाई के बीच पैचवर्क के नाम पर करोड़ों रुपए का कार्य जारी

राजनीतिक वार.....डीपीआर बन रही होने का किया था दावा
सड़क को लेकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ग्रामीण अंचल में भारतमाला को लेकर मुद्दा उठा। केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी 4 मई 2019 को बीकानेर आए। उन्होंने यहां घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि भारतमाला को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। सत्तासर से बीकानेर 70 किलोमीटर, टेचरी फांटा से आऊ 95 किलोमीटर और सांखला फांटा से बज्जू तक ५५ किलोमीटर के तीन टुकड़ों को भारतमाला एनएच 911 और नेशनल हाइवे नम्बर 11 से जोड़ते हुए डीपीआर तैयार हो रही है। यह डीपीआर आज दो साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ी है।


पलटवार....पीपीपी मोड पर बनाने का अनुबंध
केन्द्र सरकार ने बदहाल सड़क को बनाने के लिए चुनाव से पहले तत्परता दिखाई। बाद में केन्द्र में मोदी-२ सरकार भी बन गई। परन्तु क्षेत्र के लोगों को सड़क नसीब नहीं हो पाई। बीकानेर जिले के बड़े ग्रामीण अंचल में हर चुनाव में सड़क का मुद्दा गर्माता है। एेसे में राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर सत्तासर से बीकानेर के बीच की सड़क का निर्माण कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर रखी है। इसमें तत्परता इसलिए भी दिखाई जा रही है कि इसके सिरे चढऩे से पहले कही केन्द्र सरकार हाइवे बनाकर निर्माण की फाइल को आगे ना बढ़ा दे।


अभी लगेगा समय, इसलिए पैचवर्क
यह सही है कि पीपीपी मोड पर सत्तासर तक की सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराने का अनुबंध हो चुका है। परन्तु अभी सड़क निर्माण में कम से कम छह से आठ महीने और लगेंगे। तब तक जनता इस जर्जर सड़क की परेशानी नहीं भुगते, इसलिए पैचवर्क का कार्य कराया जा रहा है। पीपीपी मोड में नए सिरे से सड़क बनाई जानी है। अभी सिर्फ सड़क वाहन गुजरने लायक बनी रहे, इतना ही काम कराया जा रहा है।
- सुधीरकुमार माथुर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी