
Bonmorro transplantation now possible in Bikaner
जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. पीबीएम अस्पताल से संबद्ध आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र में बोनमैरो ट्रांस प्लांटेशन का काम इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगा। एसपी मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए हरियाणा के गुरुग्राम स्थित फोर्टिंस मेमोरियल हॉस्पीटल से एमओयू किया है। जिसे मंगलवार को अंतिम रूप दिया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक बोन मैरो ट्रांस प्लांटेशन का काम तीन नवंबर से शुरू हो जाएगा। पहला बोनमैरो ट्रांस प्लांटेशन करने में करीब दो माह का समय लग जाएगा। इस सुविधा के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए भामाशाह और दो करोड़ रुपए सरकार ने खर्च किए हैं।
हार्ट हॉस्पीटल की तर्ज पर हुआ करार
कैंसर अस्पताल में बोनमैरो ट्रांस प्लांटेशन के लिए पीबीएम के हार्ट हॉस्पीटल की तर्ज पर करार हुआ है। इसके मुताबिक बोनमैरो स्पेशलिस्ट की हर विजिट पर दो से 10 हजार रुपए तक भत्ते आदि के देय होंगे। इसी प्रकार टेक्निशियन फॉर बोन मैरो को 600 रुपए पर विजिट और अधिकतम तीन हजार रुपए प्रतिदिन व यात्राभत्ता दिया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग सुपरवाइजर को एक हजार रुपए तक देय होंगे।
इलाज पर यह आएगा खर्च
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक बोनमैरो ट्रांसप्लांटेशन काफी महंगा है। इसमें भामाशाह व बीपीएल मरीजों का नि:शुल्क इलाज होगा। अगर किसी मरीज का बोनमैरो लेकर उसी के ट्रांस प्लांटेशन करने पर ढाई लाख रुपए का खर्च आएगा। किसी अन्य का बोनमैरो लेकर मरीज को ट्रांस प्लांटेशन कराने पर पांच लाख रुपए का खर्च होगा। कैंसर अस्पताल में बोनमैरो ट्रांस प्लांटेशन की जिम्मेवारी मेडिकल एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरेन्द्र कुमार बेनीवाल एवं मेडिकल सीनियर रेजीडेंट डॉ. पंकज टांटिया को जिम्मेवारी सौंपी गई है।
बीएमटी के लिए हरियाणा के गुरुग्राम की फोर्टिस मेमोरियल हॉस्पीटल से एमओयू हो गया है। तीन नवंबर से काम शुरू कर देंगे। अधिकांश मशीनें यहां पहुंच गई है, जिन्हें स्थापित किया जा चुका है। अब बोनमैरो ट्रांस प्लांटेशन के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। यहां सस्ता व सरल इलाज मुहैया हो सकेगा।
डॉ. आरपी अग्रवाल, एसपी मेडिकल कॉलेज
Updated on:
30 Oct 2018 10:59 pm
Published on:
30 Oct 2018 10:40 pm
