अब जेलकर्मियों के बच्चों के लिए बनेंगे पार्क, लगेंगे झूले

अब जेलकर्मियों के बच्चों के लिए बनेंगे पार्क, लगेंगे झूले

dinesh swami | Publish: Sep, 12 2018 08:05:13 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

राज्य सरकार अब जेलों में कार्यरत सुरक्षा प्रहरियों व अधिकारियों के बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए नई पहल की है।

जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. राज्य सरकार अब जेलों में कार्यरत सुरक्षा प्रहरियों व अधिकारियों के बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए नई पहल की है। अब जेल परिसर में पार्कों को डवलप करने के साथ-साथ यहां विभिन्न झूले, फिसलन पट्टी लगाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट जारी कर दिया है।

 

पहले चरण में प्रदेश की नौ जेलों के लिए १४ लाख ७३ हजार २५० रुपए का बजट जारी किया है। बीकानेर केन्द्रीय कारागार अधीक्षक परमजीतसिंह सिद्धु ने बताया कि जेल कार्मिकों के बच्चों के लिए पार्क व झूले के लिए सरकार ने बजट आबंटित करना शुरू कर दिया। बीकानेर जेल को सवा चार लाख रुपए मिले हैं। अब शीघ्र ही यहां पार्क को डवलप कर बच्चों के लिए झूले व अन्य खेलकूद के सामान की व्यवस्था की जाएगी।

 


इसलिए पड़ रही जरूरत

जेलों में तैनात कर्मचारियों एवं सुरक्षाप्रहरियों के बच्चों का जेल परिसर में बने क्वार्टर व बैरकों में रहना पड़ता है। ऐसे में बच्चों के खेलने-कूदने व मनोरंजन का कोई साधन नहीं होता, जिससे बच्चों की आउटडोर गतिविधियां काफी कम होती है। ऐसे में उनके मानसिक, शारीरिक विकास पर असर पड़ता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके लिए सरकार ने पहले चरण में नौ जेलों से शुरुआत की है। इसके बाद अन्य जेलों में भी यह व्यवस्था की जाएगी।

 

 

नौ जेलों से भेजे गए थे प्रस्ताव
जेल में कार्यरत कर्मचारियों बच्चों के मनोरंजन व खेलने के लिए पार्क व झूलों सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश की बीकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, सिरोही, बांदीकुई, दौसा के जेल प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर भेजे थे।

 

 


इन जेलों में होगा यह काम

बीकानेर: खेल सामग्री के लिए ३.५० लाख, वाटर कूलर मय फ्यूरीफायर के लिए ७५ हजार ।
दौसा: कूलर व वाटर फ्यूरीफायर के लिए ३४ हजार।
बांदीकुई: कूलर, टीवी के लिए ५४२५०।
अजमेर: कूलर्स के लिए ३० हजार।
उदयपुर: स्टाफ मैस मरम्मत, रिनोवेशन व अन्य सामान के लिए १.३० लाख, खेल सामग्री के लिए एक लाख।
सिरोही: बीवी रूम में एसी, कूलर के लिए ५० हजार।
भरतपुर: कर्मचारी जिम-खेल सामग्री के लिए ५० हजार।
कोटा: मैस मरम्मत, सामान भट्टी के लिए १.२० लाख, खेल सामग्री १.२० लाख, टीवी, वाटर कूलर, फ्यूरीफायर के लिए १.६० लाख।
जयपुर: बाइक स्टैंड, लॉन अम्बेला व अन्य सामान के लिए २ लाख।

 

 

प्रदेश की सभी जेलों से पूर्व में प्रस्ताव मांगे गए थे, जिन्होंने प्रस्ताव भेजे उन्हें बजट आबंटित किया जा रहा है। यह बजट कर्मचारी कल्याण एवं हितकारी निधि से दिया जा रहा हैं।
भूपेन्द्र सिंह, डीजी जेल

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