
प्रदर्शन
श्रीडूंगरगढ़. अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उपखण्ड कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कबतया कि किसान रैली को लेकर पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाकर किसान नेताओं को गिरफ्तार किया है और धरपकड़ जारी है।
सभा ने गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरन्त रिहा करने, पुलिस की दमनकारी नीति बन्द करने व गत १३ सितम्बर को हुए समझौते को लागू करने की मांग की है। सभा के तहसील संयोजक गोपाल भादू ने बताया कि समझौते के तहत किसानों के कर्ज माफ, वृद्धा पेंशन व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का समझौता हुआ था,
लेकिन इस समझौते को बजट के तहत सरकार मुकर गई है। इस पर किसान सभा ने २२ फरवरी को विधान सभा के घेराव का निर्णय लिया है। ज्ञापन के दौरान नत्थूनाथ मंडा, हरिराम गोदारा, मुखराम गोदारा, गोपाल भादू, शेखर रेगर, सोहनराम नाई सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
बज्जू. पानी की मांग सहित ११ मांगों को लेकर जयपुर में विधानसभा के प्रस्तावित घेराव को लेकिर किसानों व छात्र नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को कस्बे में एसएफआई सहित युवाओं ने विरोध प्रदर्शन कर राजस्व तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। एसएफआई के सुनील गोदारा ने बताया कि घेराव से पूर्व सरकार के इशारों पर पुलिस ने राज्य मंे किसान व छात्र नेताओं के घरों में पहुंचकर हिरासत में लिया गया है।
तहसील महासचिव ओमप्रकाश पंवार ने बताया कि जल्द ही राज्यभर में आन्दोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष श्रवण पूनियां, किशोरसिंह राठौड़, श्रीराम धायल, सुनील खीचड़, हर्षित, रामनारायण, रविन्द्र,छगनाराम सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।
महाजन. कर्ज माफी व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए किसानों के महापड़ाव को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा किसान नेताओं की गिरफ्तारी करने का विभिन्न संगठनों ने विरोध किया है। राजस्थान किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष हनुमान सिंह धारीवाल ने बताया कि किसानों के आंदोलन को दमनकारी तरीके से दबाया जा रहा है। किसान सभा ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।

Published on:
22 Feb 2018 10:03 am
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