
सरस्वती के मंदिर में चोरी और गबन पर गंभीर नहीं शिक्षा विभाग!
निखिल स्वामी
बीकानेर. प्रदेशभर के स्कूलों में चोरी, गबन व नुकसान के करीब ८० प्रकरण शिक्षा विभाग में लंबित है। इनका अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है। इनमें चोरी के ४२ व गबन के ३८ प्रकरण शामिल है। लंबित प्रकरणों में से २५ प्रकरण न्यायालय में विचारधीन हैं। इसके अलावा निदेशालय व स्कूली स्तर पर भी प्रकरण लंबित हैं। कई प्रकरण तो ३८ साल और कई १० साल पुराने हैं। अब माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) को स्कूलों में लंबित चोरी व गबन के प्रकरणों का तुरंत निस्तारण करवाने के आदेश दिए हैं। निदेशालय ने दो हजार रुपए या इससे अधिक की चोरी, नुकसान व गबन के प्रकरणों को महालेखाकार कार्यालय में दर्ज कराने, एफआर लगने वाले मामलों की न्यायालय से प्रमाणित प्रति और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच भी शुरू नहीं
निदेशक ने माना है कि चोरी व गबन के मामलों की प्रारंभिक जांच समय पर नहीं हो रही है। इससे दोषी कार्मिक सेवानिवृत्त हो जाता है और वसूली की कार्रवाई में देरी होती है। ऐसे मामलों में अब एक माह में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भिजवानी होगी, ताकि विभागीय कार्रवाई के बाद राशि वसूल की जा सके।
स्कूल स्टाफ ही गबन में शामिल
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सालों में ऑनलाइन फीडिंग नहीं होती थी, तब स्कूल के कर्मचारी व अध्यापक रजिस्टर में सामान की कीमत गलत भर देते है। जब स्कूल की ऑडिट होती थी, तब यह गबन सामने आता था। स्कूलों में सबसे ज्यादा कम्प्यूटर व लैब के उपकरणों की चोरी होती है। इसके अलावा पोषाहार, गैस सिलेंडर व अन्य सामान चोरी होता है। अधिकारियों ने बताया कि एेसे प्रकरणों में दोषी कर्मचारी के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन में से यह राशि वसूल की जाती है। कार्यरत कर्मचारियों को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
ऐसे होती है जांच में देरी
चोरी व गबन में कई मामले न्यायालय में विचाराधीन होने से विभाग के अधिकारी इंतजार करते रहते हैं। वहीं डीईओ स्तर पर भी जांच समय पर नहीं होती है। ऐसे में जांच में दोषी कर्मचारी नहीं मिलता है और वसूली नहीं हो पाती है। ऐसे में इन प्रकरणों में कई साल लग जाते है।
जयपुर में सबसे ज्यादा व कोटा में सबसे कम
मंडल चोरी-गबन के मामले
जयपुर १७
पाली ०४
भरतपुर १५
अजमेर १४
उदयपुर ०८
जोधपुर ११
बीकानेर ०५
चूरू ०४
कोटा ०२
डीईओ को दिए निर्देश
पहले स्कूल में चोरियां व गबन मामलों में संस्था प्रधान व डीईओ निगरानी नहीं करते थे। इससे ये प्रकरण लम्बित हो गए। अब एेसे सभी मामलों को निस्तारण करने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
नथमल डिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा बीकानेर
Published on:
01 Mar 2019 10:29 am
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