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राजस्थान में बाल वाटिका स्कूलों के 2500 पद खत्म, अब ऐसे रखे जाएंगे शिक्षक, देखें जिलेवार लिस्ट

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इसको लेकर शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद नई भर्तियों पर विराम लग सकता है।

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Primary Education Rajasthan

प्रारंभिक शिक्षा विभाग राजस्थान-फाइल फोटो

बीकानेर। राजस्थान के प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 2500 एल-5 पदों को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही 2410 पदों को प्रमोशन के जरिए भरने की स्वीकृति दी गई है। यह निर्णय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की बाल वाटिकाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है, लेकिन इससे नई भर्तियों की संभावनाओं पर असर पड़ने की चर्चा भी तेज हो गई है।

विभागीय प्रावधानों के तहत, जिन बाल वाटिकाओं में नामांकन 75 तक होगा, वहां अधिकतम दो पूर्व प्राथमिक शिक्षक लगाए जाएंगे। वहीं 75 से अधिक नामांकन होने पर हर अतिरिक्त 25 बच्चों पर एक और शिक्षक स्वीकृत किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर दिए हैं।

इन जिलों में इतने पद स्वीकृत

अजमेर 29, अलवर 20, बालोतरा 11, बांसवाड़ा 31, बारां 19, बाड़मेर 9, ब्यावर 14, भरतपुर 17, भीलवाड़ा 17, बीकानेर 51,बूंदी 14,चितौड़गढ़ 30, चूरू 54, दौसा 25, डीग 17, धौलपुर 19, डीडवाना-कुचामन 20, डूंगरपुर 27, गंगानगर 17, हनुमानगढ़ 24, जयपुर में 120 तथा जैसलमेर में 7 पदों की स्वीकृति जारी की गई है। इसी तरह जालौर में 14, झालावाड़ 8, झुंझुनूं 50, जोधपुर 21, फलौदी 26, खैरपुर-तिजारा 11, कोटा 20, कोतपुतली बहरोड 33, नागौर 14, पाली 21, फलौदी 7, प्रतापगढ़ 19, राजसमंद 16, संवाई माधोपुर 11, सलूंबर 6, सीकर 63, सिरोही 19, टोंक 13 तथा उदयपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की बाल वाटिकाओं में 33 पद स्वीकृत किए गए हैं।

घरों की चौखट तक पहुंचे गुरुजी

दूसरी तरफ एक अप्रेल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र को देखते हुए स्कूलों में नामांकन बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके तहत शुक्रवार से हाउस होल्ड सर्वे एवं उन बच्चों का चिन्हिकरण शुरू कर दिया गया है, जो लंबे समय से ड्रॉप आउट हैं। इसे देखते हुए स्कूलों के शिक्षकों ने घर-घर की चौखट पर अपनी उपस्थिति देनी प्रारंभ कर दी है, ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे और निजी स्कूलों की टक्कर में ही सरकारी स्कूलों को टक्कर दे सके। हाउस होल्ड सर्वे में शिक्षक अभिभावकों से मिलकर सरकारी योजनाओं का लाभ बता रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह कर रहे हैं।

तिलक लगाकर बच्चों का होगा स्वागत

प्रवेशोत्सव के पहले चरण में 27 मार्च से 25 अप्रेल तक हाउस होल्ड सर्वे एवं बच्चों का चिन्हिकरण किया जा रहा है। इसके बाद 8 अप्रेल तक प्रवेशोत्सव का सघन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान बच्चों को स्कूलों में प्रवेश के दौरान उनका तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा और 10 से 15 अप्रेल तक फिर प्रवेशोत्सव सघन अभियान चलाया जाएगा।

प्रथम चरण में ही एक अप्रेल से दो मई तक नामांकन अभियान का मॉड्यूल प्रविष्टि की जाएगी। प्रवेशोत्सव के इस अभियान में शहरी और ग्रामीण इलाकों के शिक्षक को एक भी घर नहीं छोड़ना होगा, जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। उन्हें स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा।

दूसरा चरण 4 मई से

प्रवेशोत्सव का दूसरा चरण चार मई से चार जुलाई तक चलेगा। इस अवधि में भी पहले चरण में शेष रहे बच्चों का चिन्हिकरण एवं हाउस होल्ड सर्वे किया जाएगा। प्रवेशोत्सव के तहत नव प्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन करने के लिए स्कूल में कदम रखने पर उनका तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। प्रवेशोत्सव अभियान के अंतर्गत प्रत्येक स्तर के कार्य निर्धारित किए गए हैं। इसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग भी की जाएगी। साथ ही पीइइओ परिक्षेत्र के अंतर्गत विद्यालय परिक्षेत्र के प्रत्येक घर का सर्वे कर इसकी प्रविष्टि प्रवेशोत्सव ऐप पर करना अनिवार्य होगा, ताकि यह पता चल सके की शिक्षक बच्चों के घरों तक पहुंच रहे हैं।