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बेड से बॉर्डर तक शिक्षकों ने दी ड्यूटी, फिर भी मिले नोटिस

bikaner news - Teachers gave duty from bed to border, still got notice
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बेड से बॉर्डर तक शिक्षकों ने दी ड्यूटी, फिर भी मिले नोटिस

बेड से बॉर्डर तक शिक्षकों ने दी ड्यूटी, फिर भी मिले नोटिस

शिक्षक संगठनों ने रोष जताया तो वापस लेने पड़े आदेश
बीकानेर.
कोरोना काल में अस्पताल के बेड से लेकर बोर्डर तक ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को नोटिस मिलने की कार्रवाई से शिक्षक संगठनों में रोष व्याप्त हो रहा है। शिक्षक संगठनों ने जब इसका विरोध करना शुरू किया तो कुछ मामलों में शिक्षकों को थमाए गए नोटिस वापस भी लिए हैं।

अब शिक्षक संगठनों ने उपखंड अधिकारी के स्थान पर संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा ही ड्यूटी लगाने की मांग की जा रही है। शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश महामंत्री रवि आचार्य ने बताया कि उपखंड अधिकारियों की ओर से दिए गए आधारहीन नोटिस से शिक्षक परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक शिक्षकों ने अपनी बात पहुंचाई है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल में सभी विभागों के कार्मिकों से भिन्न तरीका शिक्षा विभाग के शिक्षको की ड्यूटियां लगाने का रहा। लेकिन शिक्षकों की ड्यूटी उपखंड अधिकारियों द्वारा लगाई जा रही है, जो न्याय संगत नहीं है। आचार्य ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में औसतन 150 के करीब बीएलओ कार्य कर रहे हैं।

वहीं एक लाख से अधिक शिक्षक जो पीईओ से जुड़े हुए है। डोर टू डोर सर्वे, निगरानी समिति, पुलिस चेक पोस्ट, अस्पताल में, हेल्प डेस्क, नियंत्रण कक्ष आदि स्थानों पर थर्ड ग्रेड शिक्षक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता तथा प्रधानाचार्य को लगा रखा है।