राजस्थान विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रो. एसपी शुक्ला ने बताया कि नई शिक्षा नीति में अंग्रेजी को वह स्थान दिया गया है जो स्वातंत्रयोत्तर भारत में पिछले सत्तर साल में भी नहीं मिल पाया था। इस अवसर पर हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय महेन्द्रगढ़ के प्रो. संजीव कुमार, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद अजमेर के प्रो. सरयुग यादव, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. अन्नू शुक्ला, जयनारायण विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. कल्पना पुरोहित तथा डूंगर महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ. कृष्णा राठौड़ ने विचार व्यक्त किए।