
Water in ponds
बीकानेर. पिछले दिनों हुई बारिश के बाद शहर के तालाबों में पानी की अच्छी आवक हुई है। कई तालाबों में पांच से दस फीट तक पानी भर गया है। पानी आने के साथ तालाबों पर आने वाले लोगों की रौनक बढ़ गई है। वहां नहाने और गोठ के आयोजन शुरू हो गए हैं। बच्चों से बुजुर्ग तक नहाने का आनन्द ले रहे हैं।
शहर और आसपास के तालाब पिछले दो दिन में हुई जोरदार बारिश से तालाबों में पानी पहुंचा है। वहीं नहाने और तैराकी करने वाले लोग सावन मास तक तालाबों के लबालब होने की आस लगाए बैठे हैं। तालाबों में नहाने के लिए युवाओं की मण्डलियां व अन्य लोग सपरिवार पहुंच रहे है।
शहर के तालाबों में पानी से भर जाने के बाद वहां सामूहिक गोठ (भोजन) के आयोजन होते हैं। नहाने व तैराकी के शौकीन लोग भी तालाब पर पहुंचते हैं। मित्र-मण्डलियों सहित मोहल्लों, संगठनों के लोग व कार्यालय कर्मचारी गोठ करते हैं।शहर के तालाबों के साथ कोडमदेसर, श्रीकोलायत के तालाबों के पास भी गोठ होती हैं।
यहां पहुंचा पानी
बारिश से धरणीधर तालाब में दस से बारह फीट, हर्षोलाव तालाब में आठ से दस फीट, संसोलाव तालाब में चार से पांच फीट तक पानी पहुंचा है। वहीं शिवबाड़ी, महानन्द और सागर तालाबों में बारिश का पानी पहुंचा है, लेकिन अभी अपेक्षा से कम है।
ओवरटाइम रिकवरी निर्णय का विरोध
बीकानेर. ऑल राजस्थान एसबीआइ एम्पलाइज एसोसिएशन बीकानेर की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को संपन्न हुई। बैठक में एसबीआइ प्रबन्धन की ओर से नोटबंदी के दौरान सहयोगी बैंकों से 'ओवरटाइमÓ की रिकवरी के निर्णय का विरोध किया हैं। वाईके शर्मा 'योगीÓ ने बताया कि द्विपक्षीय समझौते की सभी शर्तें सभी बैंकों पर समान रूप से लागू होती है ऐसे में एसबीआइ के कर्मचारियों को ओवरटाइम भुगतान करना व एसबीबीजे के कर्मचारियों से रिकवरी करना विभेदपूर्ण नीति है। अध्यक्ष सीताराम कच्छावा व सचिव एसके आचार्य ने कहा कि बैंक ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया तो संगठन न्यायालय की शरण लेगा व आंदोलन की रूप रेखा भी तैयार करेगा। बैठक में गोपाल आत्रेय एन के वत्स, जे पी वर्मा, आनन्द शुक्ला आदि ने भाग लिया।
Published on:
20 Jul 2018 09:05 am
