
Bilaspur News: मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी से 25 हजार रुपए की घूस लेते हुए लोकपाल को गुरुवार को बिलासपुर की एसीबी की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। जनपद पंचायत गौरेला में पदस्थ मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी रोशन सराफ से उनके पेंड्रा में पदस्थ रहने के दौरान ग्राम पंचायत कुड़कई में वर्ष 2021-22 में निर्मित अमृत सरोवर की जांच में लोकपाल वेद प्रकाश पांडेय ने औचित्यहीन बताया था और कहा था कि इसके निर्माण स्थल का सही चयन नहीं किया गया, जिससे इस सरोवर में पानी का भराव नहीं हो रहा है।
चूंकि स्थल का निरीक्षण तकनीकी सहायक द्वारा किया जाता है, लेकिन पांडेय द्वारा कार्यक्रम अधिकारी बार-बार नोटिस देकर जवाब तलब किया जा रहा था। इस दौरान पांडेय ने कार्यक्रम अधिकारी से 25000 रुपए की मांग की। इसकी उन्होंने शिकायत बिलासपुर एसीबी में की। इसके बाद एसीबी द्वारा कार्यक्रम अधिकारी को वॉइस रिकॉर्डर उपलब्ध कराते हुए लेनदेन की बात को रिकॉर्ड करने कहा गया।
रिकॉर्ड हुई बातचीत के मुताबिक गुरुवार को लोकपाल पांडेय जिला पंचायत (डीआरडीए) से रुपए लेने कार्यक्रम अधिकारी के साथ उनकी कार में बैठकर गौरेला जनपद कॉपलेक्स तक आए। यहां लोकपाल को कार्यक्रम अधिकारी कार में बैठे रहने बोलकर एसबीआई के एटीएम रुपए लाने चले गए। वहां से लौटकर उसने एसीबी द्वारा उपलब्ध कराए गए रंगे नोट कार में बैठे लोकपाल को दिया। इसके तत्काल बाद मौके पर एसीबी की टीम को अपनी तरफ आता देख लोकपाल पांडेय को शक हो गया और वे रुपयों को कार में ही फेंक कर भागने लगे। लेकिन एसीबी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
इसके बाद एसीबी की टीम उन्हें जनपद पंचायत गौरेला के सभा कक्ष में लेकर आई। वहां उनके हाथ धुलाकर रंगे नोट लिए जाने की पुष्टि की गई। दोपहर करीब 12 बजे से शुरू हुई यह पूरी कार्रवाई शाम 5.30 बजे तक चली।
यहां से लोकपाल वेद प्रकाश पांडेय को गिरतार कर निरीक्षक केएन आदित्य के नेतृत्व में आई एसीबी टीम अपने साथ बिलासपुर ले गई। शुक्रवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसीबी टीम ने प्रार्थी रोशन सराफ को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए अपने साथ लेकर गई है। एसीबी की इस कार्रवाई से जनपद कार्यालय एवं तहसील कार्यालय परिसर में पूरे दिन सनसनी बनी रही। बीते 6 महीने में रंगे हाथ घूस लेते हुए पकड़े जाने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले नगर पंचायत गौरेला के राजस्व निरीक्षक को 7000 रुपए घूस लेते हुए एसीबी ने पकड़ा था।
मुंगेली स्थानीय तहसील कार्यालय के नकल शाखा में पदस्थ एक बाबू के खिलाफ नकल देने के एवज में पैसे की मांग किए जाने की शिकायत कलेक्टर से की गई है। बैहाकापा निवासी किसान प्यारे लाल ने शिकायत में कहा है कि नकल शाखा के उक्त बाबू ने उससे नकल हेतु रसीद कटाने के लिए 500 रुपए की मांग की। जब उन्होंने कहा कि इसके लिए तो 20 रुपए लगते हैं तब बाबू 500 रुपए लगते हैं कहकर पैसे वापस कर दिया। फिर उसने 50 रुपए दिए जिसे उसने रख लिया और नकल लेने आने पर 500 रुपए देने कहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी है। उसने कलेक्टर राहुल देव से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
मुंगेली तहसीलदार कुणाल पांडेय ने कहा कि इस संबंध में शिकायत मिली है। किसान और बाबू को आमने-सामने कराकर मामले का परीक्षण कराया जाएगा। शिकायत सही मिली तो दोषी को बशा नहीं जाएगा।
Updated on:
13 Sept 2024 03:33 pm
Published on:
13 Sept 2024 03:32 pm
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