
बिलासपुर . हाईकोर्ट के एक जस्टिस की कार्य पद्धति से असंतुष्ट अधिवक्ताओं ने बुधवार को मामले की पैरवी नहीं की और कार्य से विरत रहे। बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन से मुलाकात कर मामले में निर्णय लिए जाने की मांग की। सचिव अब्दुल वहाब खान ने बयान जारी कर कहा, जब तक इस मामले में निर्णय नहीं होता अधिवक्ता कार्य से विरत रहेंगे। ज्ञात हो कि जस्टिस की चलती कोर्ट से मंगलवार को अधिवक्ता बाहर निकल गए थे। मामले की जानकारी होने पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने चीफ जस्टिस राधाकृष्णन को पूरे मामले से अवगत कराया। सीजे ने सदस्यों को इस मामले के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया है।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव ने बयान जारा कर कहा था कि 28 दिसंबर को लगभग 12.15 बजे अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के प्रकरण की सुनवाई जस्टिस कोर्ट की एकलपीठ में हो रही थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अवांछित बहस की स्थिति निर्मित होने पर अधिवक्ता अवध त्रिपाठी, शैलेष आहूजा, सतीश चंद्र वर्मा, अखिल मिश्रा एवं आरके केशरवानी कोर्ट रूम से बाहर निकल गए। बाहर अन्य अधिवक्ताओं ने मामले की जानकारी सीजे को देने की बात कहकर मामला शांत कराया था।
इस संबध में अध्यक्ष, सचिव एवं कार्यकारणी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की एक समिति ने बुधवार की दोपहर 1.30 बजे चीफ जस्टिस से मिलकर इस तात्कालिक समस्या से अवगत कराया। अध्यक्ष सीके केशरवानी ने कहा है कि चीफ जस्टिस को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। लेकिन जब तक मामले का निराकरण नहीं होगा, वकील संबंधित जज के कोर्ट में सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होंगे।
Published on:
30 Nov 2017 01:44 pm
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