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बंद कराने पहुंचे नाराज सदस्यों ने अस्पताल में घुस डॉक्टर को पीटा

आईएमए के पदाधिकारी और सदस्यों ने देर रात सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया।
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बंद कराने पहुंचे नाराज सदस्यों ने अस्पताल में घुस डॉक्टर को पीटा

बिलासपुर. खुदरा व्यापार में इ-कॉमर्स और विदेशी कंपनियों के प्रवेश के विरोध में शुक्रवार को शहर बंद कराने निकले जिला औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने निजी अस्पतालों में घुसकर खूब हंगामा मचाया। अस्पताल में घुसकर मरीजों को भगा दिया डॉक्टरों को उपचार करने से रोका। इतना ही नहीं मगरपारा स्थित एआरसी एंड पीआरसी क्लीनिक में डॉक्टर से मारपीट कर दी और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए आईएमए के पदाधिकारी और सदस्यों ने देर रात सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया।

IMAGE CREDIT: patrika

मगरपारा स्थित एआरसी एंड पीआरसी क्लीनिक के संचालक डॉ. जगबीर सिंह पिता सुखराम सिंह शुक्रवार को क्लीनिक में मरीजों का उपचार कर रहे थे। शाम करीब पौने 5 बजे जिला औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारी राघवेन्द्र गुप्ता, महेश अग्रवाल, हरजीत सिंह, कृष्ण कांत गुप्ता, शेखर मुदलियार समेत करीब 40 लोग अस्पताल पहुंचे। पदाधिकारियों ने मेडिकल स्टोर बंद कराने दबाव बनाया। डॉ. जसबीर ने केबिन में बैठकर बात करने के लिए कहा तो औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने डॉ. जसबीर से गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी। डॉक्टर का मोबाइल लूट लिया। डॉ. जसबीर ने इस घटना की जानकारी आईएमए के अध्यक्ष आरडी गुप्ता, सचिव आशीष मूंदड़ा को दी। आईएमए के सदस्य शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे सिविल लाइन थाने पहुंचे व औषधि विक्रेता संघ के सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने डॉ. जसबीर का मुलाहिजा कराया। शिकायत करने वालों में डॉ. आरडी गुप्ता, डॉ. आशीष मूंदड़ा, डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. अभिजीत रायजादा, डॉ. रूपेश अग्रवाल, डॉ. प्रशांत अग्रवाल, डॉ. राजेश आहूजा, डॉ. संतोष गेमनानी व अन्य डॉक्टर शामिल थे। राघवेंद्र गुप्ता, महेश अग्रवाल, हरजीत सिंह सलूजा व अन्य के खिलाफ धारा 294, 506, 323,34 के तहत अपराध दर्ज किया।

घटना के विरोध में आज बंद रहेंगे अस्पताल : औषधि विक्रेता संघ के उपद्रव व मारपीट की घटना पर आईएमए से तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आरडी गुप्ता व सचिव आशीष मूंदड़ा ने बयान जारी कर 29 सितंबर को बंद का आह्वान किया है। आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा, कि इस घटना के विरोध में शनिवार को जिले के सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे।
मरीजों को भगाया, डॉक्टरों को इलाज करने से रोका : बंद कराने पहुंचे लोगों ने जूना बिलासपुर स्थित लाइफ केयर अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से अभद्रता की और मेडिकल स्टोर बंद करने के लिए दबाव बनाया। मरीजों को अस्पताल से भगा दिया और अस्पताल के संचालक डॉ. रामकृष्ण कश्यप से बदसलूकी की। ईदगाह चौक स्थित शिशु भवन में डॉ. श्रीकांत गिरी को डेढ़ घंटे तक मरीजों का उपचार करने से रोके रखा। अग्रसेन चौक स्थित स्टॉर चिल्ड्रन में डॉ. गेमनानी को मरीजों का उपचार करने से रोका, और मरीजों को भगा दिया। डॉक्टर से भी विवाद और हाथापाई की।

10 करोड़ से अधिक का थोक व्यापार प्रभावित : कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया गया। इसके तहत शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों संभागीय चेंबर, कैट, सराफा, कपड़ा मार्केट, श्रीराम क्लाथ मार्केट, थोक फल सब्जी मंडी तिफरा, पाइप एंड सेनेटरी, लघु एवं सहायक उद्योग संघ समेत कई व्यापारिक संस्थान पूरी तरह से बंद रहे। इससे 10 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ। अपोलो और रेडक्रॉस की दुकाने खुली रहने से कुछ राहत रही। सभी व्यापारिक संगठनों के नेहरू चौक पर सभा की और ऑनलाइन दवा बिक्री को जानलेवा बताते हुए इस पर विरोध जताया। जिला औषधि संघ के अध्यक्ष हरजीत सिंह सलूजा ने कहा, ये निर्णय जानलेवा है।
निकाली बाइक रैली : सराफा एवं दवा व्यापारी संघ के सदस्य बाइक रैली से नेहरू चौक पहुंचकर विरोध जताया। सभी सदस्य यहां एकंित्रत होकर चेंबर अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, हरीश केडिया, अनिल सलूजा, पवन वाधवानी, किशोर पंजवानी, राजू सलूजा और कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जिदतेंद्र गांधी के नेतृत्व में रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे। कलेक्टर की अनुपस्थिति में पीएम मोदी के नाम का ज्ञापन जिला दंडाधिकारी टंडन को ज्ञापन दिया।

विदेशी कंपनियों को रोकें : कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी ने कहा, जिस तरह से खुदरा व्यापार के क्षेत्र में इ-कॉमर्स और विदेशी कंपनियां मैदान में आ रही है। छोटे व्यापारियों के लिए आने वाले दिन कठिन होने वाले हैं। हरीश केडिया ने कहा, इ-कॉमर्स के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को किसी प्रकार की अनुमति न दी जाए। सिंगल ब्रांड में 10 प्रतिशत की एफडीआई की अनुमति वापस ली जाए। रामअवतार अग्रवाल ने कहा, जीएसटी में दो प्रकार की दरें रखी जाए। बंद के समर्थन में सराफा, दवा दुकान, थोक एवं अनाज मंडी, सब्जी व्यापारी संघ, फल मंडी तिफरा, सराफा एसोसिएशन और श्रीराम क्लाथ मार्केट समेत अन्य संस्थानों के व्यापारी शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सुनील सोंथालिया, कैलाश गुप्ता, भोलाराम मित्तल, छेदीलाल सराफ, त्रिलोचन सिंह अरोरा, जय प्रकाश मित्तल, राहुल सुलतानिया, नानक खटवानी, कैलाश गुप्ता, छेदीलाल सराफ, जितेंद्र शाह, महेंद्र शाह, विपिन जाजोदिया समेत बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।