
बिलासपुर सेंट्रल जेल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Prisoner Dies In Bilaspur Central Jail: बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद एक और कैदी की मौत हो गई। पिछले एक महीने के भीतर जेल में यह चौथी मौत है, जिससे कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रभु कुमार मनहर निवासी विद्याडीह टांगर, पचपेड़ी के रूप में हुई है। वह नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहा था।जेल प्रशासन के अनुसार प्रभु की तबीयत कई दिनों से खराब थी और 15 जुलाई से उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था।
सोमवार को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर सिम्स रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होगा।
प्रभु मनहर को पचपेड़ी थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि नौ सितंबर 2024 की रात वह नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ महाराष्ट्र ले गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद से आरोपी को महाराष्ट्र के अमलनेर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था और नाबालिग को सकुशल बरामद किया गया था।
जांच के बाद मामले में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी गई थीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने प्रभु कुमार मनहर को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह केंद्रीय जेल बिलासपुर में निरुद्ध था। केंद्रीय जेल में लगातार हो रही मौतों ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 12:19 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:10 pm
