12 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सर्द हुईं कानन की रातें, पारा 15 पहुंचने पर जीवों को बचाने किए तरह-तरह के उपाय

कानन पेंडारी में अभी दिन का तापमान 29 से 31 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री के आसपास रहता है।
2 min read
Google source verification
kanan Pandari

बिलासपुर . कानन पेंडारी में वन्य प्राणियों को ठंड से बचाने के लिए पेंडारी प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कर ली है। पक्षियों के केज को हवा से रोकने के लिए प्लाई से खिड़कियों को ढका गया है। वन्य जीवों के बाड़ों और केज में पैरा सहित बैठने के लिए पटरे रखे गए हैं। सर्प व पक्षियों के केजों में बल्ब लगाए गए हैं। कानन पेंडारी में अभी दिन का तापमान 29 से 31 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री के आसपास रहता है। बिलासपुर शहर के तापमान की अपेक्षा पेंडारी में रात के तापमान में अधिक गिरावट आई है। इस एक क्षेत्र विशेष को माइक्रो क्लाइमेट एरियाकहते हैं। कानन पेंडारी में ठंड का असर जीवों पर पडऩे लगा है। ठंड से जीवों को बचाने के लिए पैरा, प्लाई और बल्ब की व्यवस्था की गई है। कानन पेंडारी के प्रभारी सुनिल बच्चन ने बताया कि बेजुबान पक्षियों व जीवों को ठंड से बचाने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। हर्बीवोरेस चीतल, हिरन, नील गाय को ठंड से बचाने के लिए बाड़ों में पैरा रखा गया है। कार्नीवोरेस शेर, लकड़बग्घा, बाघ, तेंदुआ को शीत से बचाने के लिए केजों की खिड़कियों को प्लाई से बंद करने के साथ ही उसमें पैरा रखा गया। वेंटीलेशन को छोड़कर वरांडे को भी पूरी तरह से ढंक दिया गया है।सर्पों के लिए उनके केजों में मटका रखकर बल्ब लगाने के साथ बारदाना भी लपेटा जा रहा है। पक्षियों के केजों को भी बल्ब लगाकर गर्म रखने की व्यवस्था की गई है।

READ MORE : लोक संस्कृति की कला बिखेर रहे कलाकार, लोगों को भा रही स्वदेशी वस्तुएं, देखें वीडियो

ठंड में बढ़ जाती है मांसाहारियों की डाइट : कानन पेंडारी के प्रभारी सुनील बच्चन ने बताया कि पहले वन्य जीवों को लगातार 6 दिन बकरे का मांस दिया जा रहा था। रविवार को मांसाहारियों (कार्नीवोरेस) को भोजन नहीं दिया जाता, लेकिन अब उनको खाने में 2 दिन बकरा 1 दिन मुर्गा 2 दिन बकरा और 1 दिन पिग का मांस दिया जा रहा है। एक कार्नीवोरेस को अधिकतम 10 किलो मांस दिया जा रहा है। ठंड में जीवों की डाइट बढ़ गई है। इसे पूरा करने के लिए कर्मचारी रात में केजों में जाकर भोजन की व्यवस्था देखते हैं। खाना न बचने पर जीवों को दूसरे दिन ज्यादा खाना दिया जा रहा है। रात में बचे खाने का उपयोग कार्नीवोरेस सुबह नाश्ते में करते हैं। जो भी मांस व हड्डियां बचती हैं, उन्हें कर्मचारियों द्वारा फर्निश में जला दिया जाता है।
समय के साथ बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं, जीवों पर विशेष ध्यान दे रहे कर्मचारी : कानन पेंडारी में रात में ठंड अधिक रहती है। वन्य प्राणियों को इससे बचाने के लिए बल्ब ,पैरा, प्लाईवुड की व्यवस्था की गई है। जरूरत पडऩे पर सुविधा और बढ़ाई जा सकती है।
सुनील कुमार बच्चन, प्रभारी अधिकारी, कानन पेंडारी

READ MORE : जिला अस्पताल में सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे 3 करोड़

IMAGE CREDIT: patrika
IMAGE CREDIT: patrika