5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bilaspur Municipal Corporation: विकास कार्यों में लापरवाही पड़ी भारी! इस मामले में कांग्रेसी ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड, 30 करोड़ की बैंक गारंटी भी जब्त

Bilaspur Municipal Corporation: बिलासपुर में नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने गड़बड़ी और मनमानी करने वाले ठेकेदारों पर बड़ा एक्शन लिया है। FDR घोटाला करने वाले कांग्रेसी ठेकेदार कमल ठाकुर को 5 साल के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया है।

2 min read
Google source verification
Bilaspur Municipal Corporation: विकास कार्यों में लापरवाही पड़ी भारी! इस मामले में कांग्रेसी ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड, 30 करोड़ की बैंक गारंटी भी जब्त

Bilaspur Municipal Corporation: बिलासपुर जिले में लेटलतीफी और कदाचरण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नगर पालिक निगम और स्मार्ट सिटी ने बड़ा एक्शन लिया है। ठेकेदार ने अलग-अलग मामलों में ब्लैक लिस्टिंग, पेनाल्टी और बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।

इन पर हुई कार्रवाई

  1. एफडीआर मामले में ठेकेदार ब्लैक लिस्ट

स्मार्ट सिटी परियोजना में राजीव गांधी चौक से तैयबा चौक तक स्टार्म वॉटर ड्रेन और दिव्यांग फ्रेंडली फुटपाथ का निर्माण किया गया है। उक्त कार्य का ठेका कांग्रेसी ठेकेदार कमल ठाकुर को मिला था। शर्तों के अनुसार कार्य के लिए एपीएस और पीवीजी के मूल एफडीआर जमा करना था पर उसके स्थान पर डुप्लीकेट फोटोकापी ठेकेदार द्वारा जमा किया गया था, जांच में यह बात सिद्ध हुआ।

स्मार्ट सिटी प्रबंधन द्वारा जांच में यह तथ्य पाए जाने पर पूर्व में ही ठेकेदार के भुगतान से 16 लाख 50 हजार रुपए पेनाल्टी के रूप में काटा गया था और कार्य के आरएफपी में उल्लिखित कंडिका के अनुसार दोषी पाए जाने पर आज ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करते हुए आगामी पांच साल के लिए सभी प्रकार की निविदाओं में भाग लेने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

  1. अरपा प्रोजेक्ट के ठेकेदार पर पेनाल्टी

अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन प्रोजेक्ट में इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक नदी की दोनों ओर नाला,सड़क और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्य को गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में नदी की दांयी ओर इंदिरा सेतु से पुराना पुल तक बस प्रथम चरण को पूर्ण किया गया है। ठेका कंपनी को शेष कार्य तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश देने के बावजूद कार्य धीमी गति से संचालित किया जा रहा है। कार्य में प्रगति नहीं लाने पर एमडी अमित कुमार के निर्देश पर ठेका कंपनी गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 37 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।

यह भी पढ़े: CM साय ने की निगम-मंडल-बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पदों की नियुक्ति, देखिए किसे कौन सी मिली जिम्मेदारी?

  1. सिंप्लेक्स को टर्मिनेट कर बैंक गारंटी राजसात

शहर में अंडरग्राउंड सीवेज प्रोजेक्ट के कार्य में प्रगति लाने के लिए सिंप्लेक्स कंपनी को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर 10 फरवरी को अंतिम नोटिस भेजा गया। इसके बावजूद कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इस स्थिति में निगम कमिश्नर के निर्देश पर सिंप्लेक्स कंपनी को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही कंपनी की बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा 30 करोड़ रुपए को राजसात कर लिया गया है। निगम अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि परियोजनाओं की प्रगति में कोई विलंब न हो।