
Bilaspur News: बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र के लोफंदी गांव में जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कच्ची शराब पीने के कारण 4 दिन के भीतर 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। वहीं ग्रामीणों की मौत पर प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी कर मौतों का कारण जहरीली शराब नहीं, बल्कि फूड पॉइजनिंग, सर्पदंश और कार्डियक अरेस्ट बताया है। वहीं प्रशासन की रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं है और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद मेडिकल कैंप में 8 फरवरी को पवन कश्यप (35 वर्ष) पहुंचे, जिन्होंने बताया कि शराब पीने के बाद से उनकी तबीयत बिगड़ रही थी। डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक जांच के बाद सिस मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया। यहां सुधार नहीं होने पर आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। फिर भी हालत बिगड़ती गई और रविवार की सुबह 6 बजे दम तोड़ दिया। सिस चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई गजाधर कश्यप ने बताया कि पवन रोजी मजदूरी करता था और उसके दो बेटे हैं।
ग्राम लोफंदी में जहरीली शराब पीने से हुई ग्रामीणों की मौत मामले में पीसीसी द्वारा गठित 6 सदस्यी जांच कमेटी सोमवार को मौके पर जांच के लिए जाएगी।
देव कुमार पटेल (45 वर्ष)
शत्रुहन देवांगन (40 वर्ष)
कन्हैया लाल पटेल (60 वर्ष)
कोमल प्रसाद लहरे (56 वर्ष)
बलदेव पटेल (52 वर्ष)
कोमल देवांगन ऊर्फ नानू
रामूराम सुनहले (50 वर्ष)
पवन कश्यप
बुधराम पटेल
लोफंदी मेें स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे दिन भी शिवर लगाई। इस दौरान 50 से ज्यादा लोगों का चेकअप किया गया। इसमें 30 लोगों का ब्लड टेस्ट के माध्यम से सारे फंग्शन टेस्ट किए गए। सभी की रिपोर्ट नॉर्मल मिली। इसी बीच चक्कर-घबराहट वाले 7 मरीजों को एहतियातन रिस रेफर किया गया। चेकअप के बाद डॉक्टरोें ने इनमें से दो लोगों को डिस्चार्ज कर लिया, जबकि 5 भर्ती किए गए हैं। इनकी हालत अब सामान्य है।
लोफंदी में लगातार स्वास्थ्य शिविर जारी है। रविवार को शराब के आदी 30 लोगों का ब्लड सैंपल लेकर फंग्शन टैस्ट जांच की गई। सभी की नार्मल रिपोर्ट आई। इस बीच शिविर में 7 लोग ऐसे भी पहुंचे, जिन्होंने चक्कर आने या घबराहट होने की बात कही। उन्हें इलाज के लिए सिस रेफर किया गया। वर्तमान में सिस में 5 मरीज भर्ती हैं। गांव स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र में रात में भी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी ग्रामण को यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्यगत समस्या होती है तो उनका तात्कालिक इलाज हो सके। - डॉ. प्रमोद तिवारी, सीएमएचओ
Updated on:
10 Feb 2025 01:45 pm
Published on:
10 Feb 2025 01:45 pm
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