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अब नहीं टूटेंगी शिव टॉकीज रोड, जमीन का मालिक बना निगम

कोर्ट ने शासन को निर्देश दिया कि सभी पक्षों के आवेदन लेकर उन्हें भी सुनवाई का मौका दें और 6 माह के भीतर मामले का निपटारा करें

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Kajal Kiran Kashyap

Jul 29, 2017

nagar nigam

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बिलासपुर.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन की युगलपीठ ने टैगौर चौक से शिव टॉकीज रोड के बीच तीन दशक से विवादित नगर निगम की दुकानों पर निर्णय देते हुए कहा, दुकानें नहीं टूटेंगी। सीजे ने दुकानों के पीछे की सर्विस रोड पर नगर निगम का स्वामित्व स्वीकार किया है। साथ ही एकलपीठ के उस निर्णय को खारिज कर दिया, जिसमें निगम की दुकानों को तोड़कर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए थे।


याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए उन्हें नगरीय प्रशासन विभाग के पास आवेदन देने के लिए कहा गया है। साथ ही कोर्ट ने शासन को निर्देश दिया कि सभी पक्षों के आवेदन लेकर उन्हें भी सुनवाई का मौका दें और 6 माह के भीतर मामले का निपटारा करें।


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सीजे राधाकृष्णन ने शुक्रवार को नगर निगम की विवादित दुकानों पर यह निर्णय सुनाने से पहले 6 जुलाई को खुद मौके पर जाकर दुकानों का निरीक्षण किया था। इस दौरान निगम के अधिकारी, जिला प्रशासन व अधिवक्ताओं की टीम के साथ पैदल चलकर उन्होंने दुकानों और सर्विस रोड की विस्तृत जानकारी ली थी।


ये है मामला

नगर निगम द्वारा शिव टाकीज चौक से पुराना बस स्टैंड तक दुकानें बनाने के लिए 1987 में व्यापारियों को जमीन आबंटित की गई थी। मौके पर 23 दुकानें हैं। इनमें से 7 दुकान मालिकों ने जमीन पर कब्जा करके निर्माण करा लिया है। इन्हीं दुकानों को लेकर विवाद चल रहा है। दुकान मालिकों ने उनकी दुकानों को नहीं तोडऩे और निगम की दुकानों को तोड़कर रास्ता देने के लिए याचिका लगाई थी।


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नगर निगम के रिकार्ड में मुख्य सड़क 115 फीट और सर्विस रोड 30 फीट की बनाई गई थी। इसके पीछे 30 फीट सरकारी जमीन सड़क के लिए छोड़ी गई थी। इस जमीन पर अधिकांश व्यापारियों ने कब्जा करके दुकानें बना ली हैं। सड़क किनारे नगर निगम की दुकान होने के कारण व्यापारियों को खुली रोड नहीं मिल पा रही है। इसलिए इन दुकानों को हटाने के लिए ही विवाद हो रहा है।


दोनों पक्षों द्वारा दायर की गई थी याचिका

शिव टाकीज से पुराना बस स्टैंड खसरा नंबर 488 में बना है। पूर्व में इस जमीन पर रेलवे की कच्ची लाइन थी, जिस पर व्यापारियों ने अवैध कब्जा कर व्यवसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण कर लिया। इस जमीन की जांच नगर निगम एवं राजस्व शाखा द्वारा की गई तो पाया गया कि 14 व्यापारियों का इस जमीन पर अवैध कब्जा है। चूंकि इसी जमीन पर ही नगर निगम की दुकान भी है। सड़क के लिए 30 फीट जमीन छोड़े जाने के बाद भी व्यापारियों को सड़क नहीं मिल पा रही है। सारा विवाद इसी बात को लेकर है।


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पिछले तीन दशकों से शिव टाकीज से पुराना बस स्टैंड स्थित दुकानों का विवाद चल रहा है। नगर निगम ने इस जमीन पर 32 दुकानों के निर्माण की योजना बनाई थी एवं 17 दुकानों का निर्माण करा दिया गया था। दुकानों के अलॉटमेंट को लेकर झगड़ा फंस गया। प्रकाश गुरवानी, महेंद्र सिंह सलूजा समेत अन्य ने कोर्ट में याचिका लगाते हुए मांग की थी कि दुकानों के आवंटन के पहले 80 फीट की सड़क दुकानदारों के लिए छोड़ी जाए। इसके खिलाफ नगर निगम की ओर से भी अपील दायर की गई थी।