
CG Device: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पहाड़ी इलाकों में घाटी की चढ़ाई करने के दौरान कई बार दूसरी ओर से आ रहे वाहन नहीं दिखते। इसी तरह भीड़-भाड़ और मोड़ वाले रास्ते पर भी अचानक वाहन सामने आ जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इसे ये डिवाइस रोकेगी।
CG Device: शिक्षक विनय तिवारी ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन अम्बिकापुर में 15 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक किया जाएगा। विद्यालय की प्राचार्य स्मिता चोपड़े ने इस सफल पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह मॉडल परिवहन सुरक्षा को एक नई दिशा देने का साधन बन सकता है।
टीम लीडर छात्र योगेश देवांगन के अनुसार, पहाड़ी रास्तों और बड़े भवनों के पीछे से आ रही गाड़ियों का पता लगाना अक्सर मुश्किल होता है। मॉडल में लगा सेंसर इन वाहनों को स्कैन कर दूसरी तरफ के चालक को रेड लाइट के जरिए सचेत करता है।
छात्रों ने बताया कि इस मॉडल को विकसित करने में लगभग 20 दिन का समय और 2000 से 2500 रुपए का खर्च आया है। छात्रों के मार्गदर्शक शिक्षक विनय तिवारी ने बताया कि उनके विद्यालय से ब्लाक स्तर पर 7 मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 3 मॉडल जिले के लिए चयनित हुए। खास बात यह है कि "एक्सीडेंट प्रिवेंशन" मॉडल ने जिले स्तर से संभाग स्तर के लिए चयनित होने का गौरव प्राप्त किया और अब यह राज्य स्तर पर प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। यदि यहां भी से चयनित किया जाता है तो राष्ट्रीय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में सम्मिलित होगा।
शहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहतराई के 11वीं के छात्र योगेश देवांगन, मनीष देवांगन और अनुराग यादव ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक विनय तिवारी के साथ मिलकर "एक्सीडेंट प्रिवेंशन" नामक एक अभिनव प्रादर्श विकसित किया है। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले शहरों में सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
बच्चों द्वारा बनाया गया एक्सीडेंट प्रिवेंशन मॉडल इस तरह की सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगा सकता है। डिवाइस में जो सेंसर है वो दीवार और पहाड़ के दूसरे ओर की गाड़ी को भी स्केन कर ड्राइवर को सूचना देगा।
Updated on:
06 Oct 2024 05:00 pm
Published on:
06 Oct 2024 05:00 pm
