
फूंक मारने से नहीं अब ‘स्मेल’ से पकड़े जाएंगे शराबी ड्राइवर (फोटो सोर्स- Freepik)
CG News: सड़क पर लापरवाही और नशे में ड्राइविंग को रोकने के लिए बिलासपुर पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक मोड में आ गई है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए एडवांस्ड ब्रीथ एनालाइजर मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है। खास बात यह है कि अब ड्राइवर को फूंक मारने की भी जरूरत नहीं होगी, सिर्फ गंध से ही शराब की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।
पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में जिलेभर के थाना, चौकी और पुलिस सहायता केंद्र के अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन और एएसपी (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में की गई।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एडवांस्ड एल्कोमीटर मशीनें ड्राइवर की सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा को तुरंत मापकर डिजिटल डेटा तैयार करती हैं। इससे मौके पर ही केस बनाकर न्यायालय भेजना आसान हो जाता है। नई तकनीक में नो-ब्लो फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे केवल स्मेल के आधार पर ही शराब की पहचान हो सकेगी। इससे कार्रवाई और तेज व प्रभावी बनेगी, खासकर उन मामलों में जहां ड्राइवर जांच से बचने की कोशिश करते हैं।
शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में व्हील लॉक खरीदे हैं। अब नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को मौके पर ही लॉक कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे में वाहन चलाने पर केवल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर मामलों में अन्य आपराधिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई होगी। अगर किसी हादसे में चालक शराब के नशे में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ केस और भी सख्त होगा।
कार्यशाला में एनटीपीसी, एसईसीएल और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। पुलिस ने उन्हें सुझाव दिया कि अपने प्रतिष्ठानों में ब्रेथ एनालाइजर मशीन लगाकर ड्राइवरों की जांच अनिवार्य करें, ताकि सड़क पर निकलने से पहले ही नशे की स्थिति में ड्राइविंग रोकी जा सके।
अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी नजर रखी जाएगी। आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम), पीओसी मशीन, नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल और सिटीजन सेंट्रल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन चालान और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और डेटा एनालिसिस के जरिए उल्लंघनकर्ताओं पर स्वत: कार्रवाई की जा रही है, जिससे बच निकलना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है।
Published on:
12 Apr 2026 02:27 pm
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