
मोबाइल छोड़ मैदान में लौटे बच्चे (फोटो सोर्स- iStock)
Children Summer Camp: डिजिटल दौर में जहां बच्चों का बचपन मोबाइल और स्क्रीन तक सिमटता जा रहा है, वहीं बिलासपुर में एक सकारात्मक बदलाव की तस्वीर उभरकर सामने आई है। इस बार गर्मी की छुट्टियों में बच्चे घरों से निकलकर मैदान की ओर लौटते दिख रहे हैं।
महाराणा प्रताप चौक स्थित फाउंडेशन क्रिकेट एकेडमी में शुरू हुए समर कैंप ने बच्चों को डिजिटल दुनिया से निकालकर खेल की असली दुनिया से जोड़ दिया है। 1 अप्रैल से शुरू हुए इस कैंप में पहले ही दिन बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा। छोटे-छोटे बच्चे जर्सी पहनकर जब मैदान में उतरे, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी।
जानकारों का मानना है कि आज के समय में बच्चों को मैदान तक लाना ही एक बड़ी उपलब्धि है। बिलासपुर में शुरू हुआ यह समर कैंप सिर्फ एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव की शुरुआत है। जहां बच्चे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर असली जिंदगी के मैदान में अपनी पहचान बना रहे हैं और यही बदलाव आने वाले भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि एकेडमी में लड़कियों और जरूरतमंद बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। उन्हें ड्रेस और किट भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने।
यह बदलाव सिर्फ खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की पूरी दिनचर्या बदल रही है। एकेडमी के चेयरमैन प्रिंस भाटिया ने बताया कि, जो बच्चे पहले घंटों मोबाइल या टीवी के सामने बैठे रहते थे, अब वे सुबह-शाम अभ्यास के लिए समय पर मैदान पहुंच रहे हैं। उनकी फिटनेस बेहतर हो रही है।
समर कैंप में बच्चे केवल बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ही नहीं सीख रहे, बल्कि जीवन के जरूरी गुण भी विकसित कर रहे हैं। कोचों के मार्गदर्शन में वे अनुशासन में रहना, टीम के साथ काम करना, हार-जीत को स्वीकार करना, मेहनत और धैर्य का महत्व समझना जैसे अहम सबक सीख रहे हैं। यही गुण उनके व्यवहार में भी नजर आने लगे हैं।
एकेडमी के चेयरमैन प्रिंस भाटिया के अनुसार, बच्चों को यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बॉलिंग मशीन, टर्फ और एस्ट्रो टर्फ विकेट जैसी तकनीकों के जरिए बच्चों को प्रोफेशनल स्तर की तैयारी कराई जा रही है। हेड कोच कमल चड्डा सहित सात प्रशिक्षित कोच बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल रही है।
मैदान में बच्चों को खेलते देख अभिभावकों के चेहरे पर भी संतोष साफ झलकता है। उनका मानना है कि आज के समय में बच्चों को मोबाइल से दूर रखना सबसे बड़ी चुनौती है, और यह समर कैंप उस चुनौती का बेहतर समाधान बनकर सामने आया है। अभिभावकों के अनुसार, बच्चे अब ज्यादा सक्रिय, खुश और आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
Published on:
06 Apr 2026 01:21 pm
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