
बिलासपुर . छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी ) जिले में पिछले 15 वर्ष से नई औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए जमीन मुहैया नहीं करा पा रहीं है। जमीन नहीं मिलने से नए उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे है। केंद्र सरकार की नई जैम से लद्यु उद्योगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बिलासपुर जिला उद्योग संघ के जिला अध्यक्ष अजय जाजोदिया शनिवार को पत्रिका टॉफिक ऑफ द डे में बातचीत कर करते हुए लद्यु उद्योगों की स्थापना पर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योग व्यापार मेला आयोजन के पीछे लोगों को नई औद्योगिक इकाईयों के स्थापना और उद्योगों में तकनीकी विकास के बारे में जानकारी मुहैया कराने के लिए यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है,ताकि आम लोगों को उद्योग और यहां निर्मित होने वाले सामानों की जानकारी मिल सके। इसके साथ ही एक छत के नीचे उद्योगपतियों को व्यवसायिक गतिविधियों के बारे में नई तकनीक से रूबरू कराना मुख्य ध्येय है।
जाजोदिया ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने की नीतियों में इतनी अधिक पेचदगियां है,उसका सरलीकरण होना आवश्यक है। ज्यादातर लघु उद्योग सिर्फ इसलिए स्थापित नहीं हो पा रहीं है क्योंकि शासन की नीतियां धरातल पर अव्यवहारिक सिद्ध हो रहीं है । इसका सीधा असर लघु उद्योगों की स्थापना पर दिखाई दे रहा है ।
जेम नीति में बदलाव नहीं होने से उद्योग बंद होंगे : जाजोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार की नई जेडईएम नीति लागू की है। इस नीति से लद्यु उद्योगों को फायदा कम नुकसान कम होगा। नई नीति में परिवर्तन नहीं होने पर जिला समेत प्रदेश व देश के लद्यु उद्योग बंद हो जाएंगे। इससे बेरोजगारी और बढेग़ी। इसलिए नई नीति को लद्यु उद्योगों के हित में तत्काल परिवर्तन करना चाहिए।
राजधानी तक सीमित हो गए उद्योग : जिला लद्यु उद्योग संघ के अध्यक्ष अजय जाजोदिया ने कहा कि राज्य में लद्यु उद्योग की स्थापना प्रदेश की राजधानी रायपुर , दुर्ग ,भिलाई तक सीमित होकर रह गया है। अधिकांश जिलों में लद्यु उद्योग नहीं के बराबर स्थापित हुए है। यह प्रदेश हित के लिए ठीक नहीं है। इस पर शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
Published on:
27 Jan 2018 04:06 pm
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