
बिलासपुर . झीरम जांच आयोग के समक्ष कांग्रेस पार्टी की ओर से गुरुवार को तीन आवेदन पेश किए गए। इन आवेदनों में झीरम घटना में शहीद स्व. महेंद्र कर्मा के 6 निजी सुरक्षा अधिकारियों में से 2 सुरक्षा अधिकारियों को गवाही के लिए बुलाए जाने, शासन के नोडल आफिसर दीपांशु काबरा को आयोग के समक्ष उपस्थित होने तथा सीआरपीएफ के आईजी या डीआईजी को गवाह के रूप में बुलाए जाने की मांग की गई। जांच आयोग अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कांग्रेस के इन सभी आवेदनों पर 29 जनवरी को निर्णय लिए जाने के आदेश दिए। झीरम जांच आयोग की सुनवाई के दौरान गुरुवार को कांग्रेस अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने स्व. महेंद्र कर्मा के सुरक्षा में लगे निजी सुरक्षा अधिकारियों में से 2 अधिकारियों को बुलाए जाने की मांग की। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि स्व. कर्मा के पायलट पीसीओ अमर सिंह वाघ को गवाही के लिए आयोग के समक्ष बुलाया जाना था लेकिन उनकी मृत्यु हो गई है। आयोग इस मामले में गवाही के लिए स्व. कर्मा की सुरक्षा में लगे 2 सुरक्षा अधिकारियों को बुलाए। अधिवक्ता श्रीवास्तव ने शासन की ओर से आयोग के समक्ष मामले से जुड़े कुछ जांच रिपोर्ट व दस्तावेज गवाहों के प्रतिपरीक्षण के बाद पेश किए जाने का हवाला देते हुए शासन के नोडल आफिसर दीपांशु काबरा को बुलाया जाने की मांग की है।
साथ ही सीआरपीएफ के पास झीरम की सुरक्षा से संबंधित आंतरिक जांच रिपोर्ट, बटालियन की तैनाती, आईबी की रिपोर्ट व समस्त सूचनाओं की जानकारी है। चूंकि कमांडेंट प्रदीप सिंह गब्रियाल उस दौरान 40 दिनों के अवकाश पर थे। इसलिए सीआरपीएफ के आईजी या डीआईजी को गवाह के रुप में बुलाया जाए। शासकीय अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने आयोग अध्यक्ष जस्टिस मिश्रा को जानकारी देते हुए कहा कि हमने शासन की ओर से सभी दस्तावेज पेश कर दिए हैं। इस संबंध में सभी गवाहों का प्रतिपरीक्षण कराया है। अब किसी अन्य गवाह या दस्तावेज पेश करने की जरुरत नहीं है। कांग्रेस के इन सभी आवेदनों पर जस्टिस मिश्रा 29 जनवरी को निर्णय लेंगे।
Published on:
26 Jan 2018 11:39 am
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