
CG Parking News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के प्रशासनिक नियंत्रण वाले तहसील कार्यालय परिसर में खुलेआम अवैध पार्किंग स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। और हैरानी की बात यह है कि यह सब एसडीएम कार्यालय के ठीक पीछे हो रहा है। तहसील कार्यालय के द्वार पर लोहे का बैरियर लगाकर उसे चेक पोस्ट का रूप दे दिया गया है।
एक गुमटी और कुर्सी-टेबल के साथ कुछ युवक पार्किंग शुल्क वसूलते नजर आते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि मार्च माह में इस स्टैंड का ठेका समाप्त हो चुका है, इसके बाद कोई नई निविदा जारी नहीं की गई है। इसके बाद भी पार्किंग स्टैंड का संचालन बदस्तूर जारी है और वसूली गुंडागर्दी के बल पर की जा रही है। स्टैंड पर बाकायदा रेट लिस्ट लगाई गई है, जिससे इसे वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रिका टीम ने इस संबंध में एसडीएम मनीष साहू से चर्चा की थी। उनसे स्टैंड के ठेके और टेंडर प्रक्रिया को लेकर जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं इस अवैध स्टैंड को कुछ राजनीतिक संरक्षण तो नहीं प्राप्त है। प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। सरकारी परिसर में इस तरह की अवैध वसूली और आम नागरिकों से बदसलूकी न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी सिस्टम की कमजोरी को भी उजागर करती है।
तहसील कार्यालय में पार्किंग का ठेका हुआ है कि नहीं इसकी जानकारी एसडीएम से ली जाएगी। यदि पार्किंग अवैध रूप से संचालित हो रही है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। -संजय अग्रवाल, कलेक्टर, बिलासपुर।
युवतियों और महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार
तहसील कार्यालय में युवक साइकिल, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पार्किंग के नाम पर जबरन पैसा वसूलते हैं। प्रतिदिन यहां करीब 500 से अधिक वाहन प्रवेश करते हैं, जिससे 5,000 से 7,000 रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। दोपहिया वाहन के 10 रुपए, चारपहिया के 20 रुपए और साइकिल के लिए 5 रुपए लिए जा रहे हैं। पार्किंग शुल्क को लेकर यहां रोजाना विवाद होता है। कई बार महिलाओं और युवतियों के साथ स्टैंड कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार भी किए जाते हैं। लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
Updated on:
17 May 2025 04:06 pm
Published on:
17 May 2025 04:06 pm
