
बिलासपुर . गौरेला, पेंड्रा, मरवाही और बस्ती बहरा में लोग हर बार की तरह मलेरिया के प्रकोप से पीडि़त हैं। मरीज बढ़ते जा रहे हैं। पखवाड़े भर में यहां 110 से अधिक मरीज मिले। जबकि इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के कोई प्रयास मैदानी स्तर पर नजर नहीं आ रहे। इन इलाकों में मेडिकेटेड मच्छरदानी बांटी जानी है, लेकिन यह भी ब्लॉकों में डंप कर दिया गया है। इसके वितरण के लिए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का इंतजार है।
मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार द्वारा 2 लाख 19 हजार मेडिकेटेड मच्छरदानी भेजी गई है। इसे ब्लॉकों में डंप कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरदानी के वितरण पर रोक लगा दी गई है। इधर मलेरिया के संवेदनशील कोट, गौरेला, पेंड्रा व मरवाही क्षेत्र में मलेरिया का कहर शुरू हो गया है। प्रभावित ग्रामीण इलाकों में मच्छरदानी का वितरण नवंबर में हो जाना था, लेकिन केंद्र से ही यह अभी 10 दिन पहले यहां भेजा गया। इस पर और विलंब ये कि अब इसे एक समारोह आयोजित करके वितरण करने की योजना है। समारोह 9 दिसंबर को प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों यह मच्छरदानी बंटवाई जाएगी।
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रोकथाम के प्रयास पर्याप्त नहीं : मलेरिया की रोकथाम के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जाते। इससे हर बार विकट स्थिति का सामना करना पड़ता है।
जिले में 1408 लोग पीडि़त : मलेरिया विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जनवरी से अक्टूबर तक 2 लाख 14 हजार बुखार पीडि़तों की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई थी। इनमें 1408 लोग मलेरिया से पीडि़त मिले। वर्तमान में गौरेला में 110 लोग मलेरिया से पीडि़त पाए गए हैं।
डेंगू के 11 मरीज मिले : मच्छरों के आतंक से डेंगू का प्रकोप भी बढ़ रहा है। एक जानकारी के मुताबिक 11 लोग इससे पीडि़त बताए जा रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।
दवा छिड़काव का दावा भी : स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया) के मुताबिक कोटा क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में मलेरियारोधी दवा का छिड़काव दो बार किया जा चुका। अन्य क्षेत्र में भी छिड़काव किया गया है।
Updated on:
7 Dec 2017, 4:36 PM IST
Published on:
7 Dec 2017, 12:58 PM IST
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